
“कोई भी बच्चा पढ़ने से वंचित न रहे” – शिवाकांत सर
सोचिए, हमारे क्लास में 40 बच्चे हैं। अगर 1 बच्चा भी फीस की वजह से, किताब की वजह से, या “लड़की है” बोलकर स्कूल नहीं आ पाता, तो क्या हमारा स्कूल पूरा कहलाएगा? नहीं।बाबा साहब अंबेडकर ने कहा था – “शिक्षा शेरनी का दूध है। जो पिएगा वो दहाड़ेगा।” तो









































