जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले में साक्षरता दर को बढ़ाने के उद्देश्य से 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों को नव साक्षर करने हेतु सामाजिक चेतना केन्द्रों में पठन-पाठन का कार्य प्रगति पर है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के मार्गदर्शन में अक्षर साथी अक्षर पोथी के माध्यम से पठन-पाठन का कार्य कर रहे हैं। जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी नीरज नयन तिवारी ने बताया कि केन्द्रीय जेल रीवा, संकुल केन्द्र चुंआ, हर्दीशंकर, महसांव एवं मार्तण्ड क्रमांक तीन में असाक्षरों की उपस्थिति सुनिश्चित कराते हुए पठन-पाठन पर बल दिया गया। शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारी एवं शिक्षक ग्रामों में असाक्षरों की पहचान कर अध्ययन केन्द्रों में भेजकर नव साक्षर करने का कार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में सभी बीआरसी, जन शिक्षक, सह समन्वयक एवं अन्य विभागीय अधिकारियों का सहयोग लिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जिले में सत्र 2024-25 में एक लाख 30 हजार असाक्षरों को साक्षर बनाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।




