रीवा कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में आयोजित समय सीमा बैठक में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा के साथ ही विभागीय योजनाओं, गेंहू उपार्जन तथा खाद वितरण की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी विभाग में सीएम हेल्पलाइन में कोई भी शिकायत नॉन अटेण्डेड न रहे तथा सी व डी श्रेणी में रहने वाले विभागों को तत्परतापूर्वक शिकायतों का निराकरण कर ए श्रेणी में आने का प्रयास करना होगा।
कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने संकल्प से समाधान अभियान के तहत 26 मार्च तक विकासखण्ड स्तर में आयोजित शिविरों में आवेदनों के निराकरण के निर्देश दिये ताकि जिला स्तर पर आवेदन न आये। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किये जाने वाले कार्यों की कार्ययोजना अनुसार कार्य सम्पादन के निर्देश दिये तथा अधिकारियों से कहा कि चल रहे कार्यों का स्थल निरीक्षण करायें और किये गये कार्यों की साप्ताहिक प्रगति से आगामी टीएल बैठक में अवगत करायें।
कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों द्वारा गेंहू उपार्जन के लिए किये गये पंजीयन अनुसार रकबे का शत-प्रतिशत सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि वास्तविक किसान छूटे नहीं तथा गलत व्यक्ति को उपार्जन का लाभ न मिले। उन्होंने संबंधित तहसीलदारों को अभियान चलाकर सुरक्षित सत्यापन करने के निर्देश दिये साथ ही एसडीएम को भी सत्यापन कार्य करने व मानीटरिंग के लिये निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि जहां रकबा बढ़ा है वहां एसडीएम मौके पर जाकर संबंधित किसान के रकबे का सत्यापन सुनिश्चित करायें।
बैठक में बताया गया कि आगामी एक अप्रैल से किसानों को ई-टोकन के माध्यम से ही खाद का विक्रय किया जायेगा। कलेक्टर ने कहा कि समितियों व विपणन द्वारा ई-टोकन से किये जाने वाले खाद वितरण की जानकारी किसानों को उपलब्ध कराई जाय। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है उन्हें शासन के निर्देशानुसार उपलब्ध जमीन के आधार पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाय। टीएल बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा चाकघाट, बैकुंठपुर व मनगवां नगर परिषद के सीएमओ की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिये गये। इस दौरान आयुक्त नगर निगम डॉ. सौरभ सोनवणे, सीईओ जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर सहित समस्त एसडीएम, तहसीलदार तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



