वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद एवं भारतीय पेट्रोलियम संस्थान ने मनाया 65वां स्थापना दिवस

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी), देहरादून ने आज अपने परिसर में अपना 65वां स्थापना दिवस मनाया। इसकी स्थापना 14 अप्रैल 1960 को की गई थी। यह एक प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संगठन है। नीति आयोग के माननीय सदस्य और सीएसआईआर-आईआईपी के सलाहकार पद्मभूषण डॉ. वी. के. सारस्वत इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस उत्सव के दौरान संस्थान के अग्रणी अनुसंधान, नवीन प्रौद्योगिकियों और उद्योग सहयोग के समृद्ध इतिहास के बारे में चर्चा की गई। डॉ. वी. के. सारस्वत ने इस अवसर पर अपने संबोधन में सीएसआईआर-आईआईपी की टीम को बधाई दी और संस्थान के 65वें स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने “भारत में ऊर्जा परिवर्तन” पर एक व्याख्यान भी दिया। अपने भाषण में, डॉ. सारस्वत ने स्वच्छ और कार्बन-मुक्त प्रौद्योगिकियों पर जोर दिया, जो निकट भविष्य में दुनिया को आगे बढ़ाएंगी। उन्होंने वैज्ञानिकों को ई-मेथनॉल और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अनुसंधान करने के लिए भी आमंत्रित किया। बातचीत के निष्कर्षों को इस प्रकार संक्षेप में प्रस्तुत किया जा सकता है: भारतीय प्रौद्योगिकियों को दुनिया भर में सक्षम बनाए रखने के लिए, हमें कार्बन उत्सर्जन को सुनने के स्तर पर लाने की दिशा में सख्ती से काम करना शुरू करना होगा।

विंध्य अलर्ट का व्हाट्सप्प चैनल Click Here

डॉ. वी.के. सारस्वत ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) के वैज्ञानिक समुदाय के साथ भी बातचीत की। उन्होंने बातचीत के दौरान, वैज्ञानिकों, तकनीशियनों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के दल की प्रशंसा की, जिससे संस्थान गौरव में वृद्धि हुई है । वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) के निदेशक डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट ने विकासशील भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए वर्ष 2024 से वर्ष 2030 तक संस्थान की रूपरेखा प्रस्तुत की। डॉ. सारस्वत ने रूपरेखा का मूल्यांकन किया और इसे राष्ट्र के लिए और अधिक लाभकारी बनाने के लिए विभिन्न सुझाव दिए।

सोलर होम सोल्यूशन NXG1100 & 150Ah सोलर ट्युबलर बैटरी और 150W Poly Crys मॉड्यूल

वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) के निदेशक डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट ने पिछले 64 वर्षों के दौरान संस्थान द्वारा प्राप्त की गई विभिन्न उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिसमें नुमालीगढ़ वैक्स प्लांट, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल, यूएस ग्रेड गैसोलीन, मेडिकल ऑक्सीजन इकाइयां, स्वीटिंग कैटलिस्ट, पीएनजी बर्नर, बेहतर गुड़ भट्टी आदि के सम्मिलित होने का उल्लेख है। मसूरी के ओक ग्रोव स्कूल के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भी जिज्ञासा 2.0 कार्यक्रम के एक भाग के रूप में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया। विद्यार्थियों ने संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं का दौरा किया और उनमें काम करने वाले वैज्ञानिकों और अनुसंधान विद्वानों के साथ बातचीत की। जिज्ञासा 2.0 कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल जाने वाले बच्चों में वैज्ञानिक स्वभाव विकसित करना है ताकि वे बड़े होकर देश में उभरते वैज्ञानिक बन सकें।

समारोह का समापन वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) के वरिष्ठ प्रशासन नियंत्रक श्री अंजुम शर्मा द्वारा दिए गए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) का दल ईमानदारी से उन सभी व्यक्तियों को धन्यवाद देती है जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में बिना शर्त सहयोग प्रदान किया।

अल्ट्राटेक सीमेंट से जुड़े प्रकरण की सुनवाई श्रम न्यायालय रीवा में होगी

Leave a Comment

error: Content is protected !!

शहर चुनें

Follow Us Now

Follow Us Now