ऑपरेशन जिंदगी : 40 घंटे में ‘मयंक’ तक नहीं पहुँच पाई NDRF और SDERF की टीमें, संघर्ष जारी

मासूम मयंक जिसकी उम्र तक़रीबन 6 वर्ष बताई गई शुक्रवार दोपहर करीब 3.30 बजे से 4 बजे के बीच बोरवेल में गिरा था। जानकारी के मुताबिक़ ग्रामीणों ने अपने स्तर पर तुरंत रेस्क्यू शुरू कर दिया था। सूचना मिलते ही NDRF और SDERF की टीमें मौके पर पहुंचीं। वे सुरंग बनाकर बच्चे तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं। इस दौरान तहसील – ज़िले के अधिकारी के साथ – साथ प्रदेश के मुखिया भी संवेदनशीलता से मामले पर नज़र गड़ाये हुए हैं।

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अब तक क्या – क्या हुआ
कल बोरवेल के समानांतर खोदे जा रहे गढ्ढे में पानी निकल आया था जिसे मोटर पम्प की सहायता से बाहर निकाला गया। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो अभी तक मयंक का सही – सही स्थान नहीं मिल पाया है। कल बचाव दल ‘मयंक’ तक पहुँचने में असफल रहा। एक बार टीम ‘मयंक’ के बजाय दूसरी दिशा में निकल गई थी। देर शाम फिर से काम शुरू किया गया और सुरंग को चौड़ी करने काम जारी रहा। खुदाई की जगह पर दोबारा पानी निकल आया है। पहला पंप खराब होने पर दूसरा मोटर पंप लाया गया है। फ़िलहाल अभी तक ‘मयंक’ तक बचाव दल नहीं पहुँच पाया है। ‘मयंक’ के पास समय बचा भी है या नहीं यह तो बचाव दल के पहुँचने के बाद ही पता चल पायेगा। हालाँकि बचाव दल ने अभी तक हार नहीं मानी है।

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