हर मतदान केन्द्र में 50 महिला मतदाताओं के नाम शामिल कराएं – कलेक्टर

विधानसभा चुनाव की तैयारियों के क्रम में कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में जिले के सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों के सेक्टर ऑफीसरों तथा पुलिस अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण देते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि सेक्टर ऑफीसर निर्वाचन प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। आप पर चुनाव से जुड़ी हर प्रक्रिया में समन्वय की जिम्मेदारी होती है। निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के संशोधन एवं परिवर्धन कार्य से ही सेक्टर ऑफीसरों को जिम्मेदारी दे दी है। सेक्टर ऑफीसर आगामी तीन दिवसों में अपने सेक्टर के सभी मतदान केन्द्रों का भ्रमण करके मतदान केन्द्र की सुविधाओं के संबंध में रिपोर्ट दें। मतदाता सूची में पात्र मतदाताओं का नाम शामिल कराने में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। प्रत्येक मतदान केन्द्र में बीएलओ के माध्यम से कम से कम 50 छूटी हुई महिलाओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराएं।

कलेक्टर ने कहा कि मतदाता सूची चुनाव का आधार होती है। सूची में हर पात्र मतदाता का नाम अनिवार्य रूप से शामिल होना चाहिए। जिले की जनसंख्या में महिला-पुरूष लिंगानुपात 930 है। जबकि मतदाता सूची में महिलाओं अनुपात 889 है। इससे स्पष्ट है कि अभी बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं हैं जिनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। सभी कालेजों में शिविर लगाएं। आयोग के निर्देशों के अनुसार एक अक्टूबर 2023 को 18 वर्ष की आयु पूरा करने वाली सभी छात्राओं के नाम मतदाता सूची में अनिवार्य रूप से शामिल कराएं। बीएलओ तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर छूटे हुए मतदाताओं विशेषकर महिलाओं के आवेदन पत्र प्रपत्र 6 में भरवाकर उनके नाम मतदाता सूची में शामिल कराएं। सभी रिटर्निंग ऑफीसर तथा सेक्टर ऑफीसर इस कार्य की निगरानी करें एवं हर सप्ताह रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

कलेक्टर ने कहा कि सेक्टर ऑफीसर अपने सेक्टर का भ्रमण करते समय रूट चार्ट, मतदान केन्द्र में शौचालय, बिजली, पानी तथा रैंप की उपलब्धता की भी जानकारी दें। यदि किसी मतदान केन्द्र में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे गए हैं तो उसका भी सत्यापन करें। सभी रिटर्निंग ऑफीसर विधानसभा चुनाव के संबंध में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लें। जिला निर्वाचन कार्यालय इस चुनाव में सहयोग की भूमिका में रहेगा। चुनाव से जुड़ी समस्त गतिविधियों का संचालन रिटर्निंग ऑफीसर द्वारा किया जाएगा। इसके लिए हर रिटर्निंग ऑफीसर अपनी टीम बनाकर उसे भलीभांति प्रशिक्षण दे। रिटर्निंग ऑफीसर, सेक्टर ऑफीसर तथा पुलिस ऑफीसर क्षेत्र का भ्रमण करके संवेदनशील मतदान केन्द्रों एवं वल्नरेबिलिटी के संबंध में प्रतिवेदन दें। आगामी एक महीने तक असामाजिक तत्वों तथा अपराधियों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही का अभियान चलाएं। फरार आरोपियों के विरूद्ध सभी वारण्टों की तामीली कराएं। राजस्व और पुलिस अधिकारी मिलकर कानून और व्यवस्था की निगरानी करें।

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प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर डॉ अमरजीत सिंह ने सेक्टर ऑफीसरों को मतदाता सूची के निर्माण, चुनाव प्रबंधन, कानून और व्यवस्था बनाए रखने, मतदाता जागरूकता अभियान में भूमिका निभाने तथा आदर्श आचरण संहिता का पालन कराने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेक्टर ऑफीसर ईव्हीएम मशीन के संचालन में पूरी तरह से प्रवीण हो जाएं। मतदान दल को किसी तरह की कठिनाई आने पर उसे सेक्टर आफीसर को ही हल करना होगा। प्रशिक्षण के दौरान वोटर हेल्पलाइन एप के उपयोग, सम्पत्ति विरूपण अधिनियम तथा मतदान की वेबास्टिंग के संबंध में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में सहायक कलेक्टर सोनाली देव तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रेयस गोखले ने भी सेक्टर अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह, सभी रिटर्निंग ऑफीसर तथा सेक्टर ऑफीसर उपस्थित रहे।

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