उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद कालजई रचनाकार – राम लखन गुप्त

चाकघाट। उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती की पूर्व संध्या पर कथा गोष्ठी का आयोजन, समीपस्थ उत्तर प्रदेश के गौहनिया प्रयागराज में आयोजित किया गया। जिसमें काई प्रतिष्ठित कहानीकारों ने अपनी रचनाएं पढ़ी। मुंशी प्रेमचन्द की जयंती की पूर्व संध्या पर राज नारायण सिंह पटेल पब्लिक स्कूल एंड कॉलेज गौहनिया प्रयागराज में कथा गोष्ठी का आयोजन किया गया। इलाहाबाद केन्द्रीय विश्व विद्यालय के छात्र विकास पाल द्वारा बनाई गई मुंशी प्रेमचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। शिक्षक ज्योति भाई ने प्रेमचंद की व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा किया तथा प्रवक्ता राम धीरज ने प्रेमचंद के कथा साहित्य में नारी की स्थिति पर विस्तार से अपनी बात रखी।कथा गोष्ठी के मुख्य अतिथि राम लखन गुप्त वरिष्ठ साहित्य कार (मध्यप्रदेश) ने कहा मुंशी प्रेमचन्द कालजयी रचना कार थे उनके साहित्य में समाज का वास्तविक चित्रण मिलता है।उन्होंने साहित्य कारों से समाज के यथार्थ पर आधारित लेखन की अपील किया। विशिष्ट अतिथि डॉ शिव शंकर मिश्र ने ‘सोना जागना ‘,प्रदीप चित्रांशी ‘ धरती पर मंदिर ‘ , विजय चितौरी ‘कन्या दान’ कहानी के साथ ही डा. शैलेंद्र सिंह,बेचनलाल विनोदी ‘काकी का दिल ‘, सुश्री शाहिदा किरमानी ‘विश्वास का छल ‘, रामकुमार मौर्य ( देहरादून) प्रकृति और जीव, डा. अमर नाथ सिंह ‘वारिश ‘‌, राम निहोर पाल ‘ हम कहाँ चले जाय ‘ आदि ने अपनी कहानियों का पाठ किया । अध्यक्षता संत सत्यानंद त्यागी व संचालन लखन प्रतापगढ़ी तथा आगंतुकों के प्रति आभार विद्यालय प्रबंधक डॉ अमर बहादुर पटेल ने किया । कार्यक्रम में केशव सक्सेना, राजेंद्र शुक्ल, राजेन्द्र पटेल, सबरेज अहमद, विजय निरंकुश,के के शुक्ला ,सुभाष चंद्र, आचार्य राम मूर्ति, अजय कुमार ,दिनेश प्रजापति, धर्मचंद, दीपनारायण, सिद्धार्थ मिश्रा ,पन्नालाल, राजमणि पाल आदि लोग उपस्थित रहे।

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