त्योंथर विधानसभा में आज आयोजित नवीन तहसील भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब बीजेपी के वर्तमान विधायक सिद्धार्थ तिवारी और पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी के समर्थक आपस में भिड़ गए।बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के शिलापट्ट (सिलापट्टी) में पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी का नाम न होने से वे नाराज हो गए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते धक्का-मुक्की तक नौबत आ गई।मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। कार्यक्रम में रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा भी मौजूद थे।₹838.81 लाख की लागत से बना यह तहसील भवन जनता को समर्पित किया जाना था, लेकिन लोकार्पण समारोह में हुए इस विवाद के चलते विकास के मंच पर सियासी टकराव हावी हो गया।फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
नवीन तहसील भवन लोकार्पण समारोह में हंगामा, शिलापट्ट विवाद बना चर्चा का विषय
त्योंथर विधानसभा क्षेत्र में आज एक ऐतिहासिक दिन रहा, जब ₹838.81 लाख की लागत से लोक निर्माण विभाग (भवन) रीवा द्वारा नवनिर्मित संयुक्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय सह तहसील भवन का विधिवत लोकार्पण किया गया।इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रीवा सांसद श्री जनार्दन मिश्रा और त्योंथर विधायक श्री सिद्धार्थ तिवारी मौजूद रहे। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजन के साथ नवीन भवन का फीता काटकर जनता को समर्पित किया गया।
शिलापट्ट पर नाम को लेकर नाराजगी
समारोह के दौरान उस वक्त माहौल गरमा गया जब पूर्व विधायक श्री श्यामलाल द्विवेदी ने शिलापट्ट पर अपना नाम न होने और पूजन कार्यक्रम के दौरान उचित स्थान न मिलने पर आपत्ति जताई। बताया जा रहा है कि इसी को लेकर उनके समर्थकों और मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और नारेबाजी होने लगी। मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।
विधायक ने उठाई जिला बनाने की मांग
अपने संबोधन में विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि यह भवन माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के मार्गदर्शन में क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात है। उन्होंने मंच से त्योंथर को जिला बनाने की पुरानी मांग को विधानसभा में और मजबूती से उठाने का ऐलान किया, जिस पर समर्थकों ने तालियों और नारों से स्वागत किया।
विकास या सियासत?
हालांकि ₹838.81 लाख के इस आधुनिक भवन से आम जनता को राजस्व संबंधी सभी कार्य एक ही छत के नीचे मिलेंगे, लेकिन लोकार्पण के दिन हुआ यह सियासी टकराव पूरे कार्यक्रम पर हावी रहा। अब क्षेत्र में चर्चा है कि क्या यह सिर्फ प्रोटोकॉल की चूक थी या 2028 से पहले का शक्ति प्रदर्शन?
समारोह में एसडीएम, तहसीलदार, जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, भाजपा मंडल के पदाधिकारी सहित सैकड़ों ग्रामीणजन उपस्थित रहे।





