रीवा संभाग कमिश्नर श्री शीलेंद्र सिंह ने संभाग के सभी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, समस्त जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, ईआरएस के सभी ईई, समस्त जिला एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को निर्देश दिए कि वे शेष रह गई आंगनवाड़ी केंद्र के भवनो एवं शौचालयो का निर्माण कार्य 31 अक्टूबर तक पूरा कर लें। कमिश्नर ने अब तक शेष रह गई आंगनवाड़ी भवन एवं शौचालय का निर्माण कार्य पूरा न होने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की और कहा कि निर्माण कार्य में अधिक समय लगने पर शासन की राशि की हानि होती है। कमिश्नर ने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा में आवास का कार्य पूर्ण न कर पाने वाले सभी जिला एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर जिला एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर से अधूरे आवास के निर्माण की राशि भी वसूल की जाएगी। कमिश्नर ने तीसरी किस्त मिलने के बाद भी हितग्राहियों द्वारा आवास निर्माण कार्य को पूरा करने में रुचि न लेने पर सभी जिला एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को निर्देश दिए की वह ऐसे हितग्राहियों से राशि की रिकवरी करें। समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने पाया कि सतना जिले में प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है और अधिकांश आवास अपूर्ण स्थिति में हैं। जिला कोऑर्डिनेटर आवास पूर्ण कराने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। ऐसी स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कमिश्नर ने जिला पंचायत सतना की मुख्य कार्यपालन अधिकारी को जिला कोऑर्डिनेटर का इस माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह बल्क में सामग्री मंगा कर आवास निर्माण का कार्य पूर्ण कराएं। बल्क में सामग्री मंगाने से निर्माण कार्य की लागत बजट मे रहती है।
कमिश्नर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण, आंगनवाड़ी भवन एवं शौचालय, धरती आबा योजना के अंतर्गत निर्मित किया जा रहे प्रधानमंत्री आवास, वाओ एप के अंतर्गत शौचालय की सफाई एवं स्वच्छता, एकल नल जल योजना, सुगम संपर्क परियोजना, पंचायत भवन निर्माण कार्य की प्रगति, गौशालाओं की अदयतन स्थिति, एक बगिया मां के नाम, व्हीबीजी रामजी योजना, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना, लंबित पेंशन प्रकरण, मध्य प्रदेश डे राज्य आजीविका मिशन, नवीन जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत भवन निर्माण, सेवा संकल्प सेतु अभियान एवं सांसद तथा विधायक निधि से निर्मित किये जा रहे हैं कार्यों की समीक्षा की।
कमिश्नर ने मध्यप्रदेश डे राज्य आजीविका मिशन एनआरएलएम के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि एनआरएलएम से जुड़ी समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाया जाए। कमिश्नर ने कहा कि आजीविका मिशन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं लखपति दीदी बनाना है। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए मसाला, आचार, पापड़, मिर्च, धनिया, हल्दी के प्रोडक्ट की मार्केटिंग की जाए। उनके इस उत्पादन का लाभ मध्यान्ह भोजन में भी मिले, इसलिए समूह के प्रोडक्ट का उपयोग मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में किया जाए। समूह का प्रोडक्ट गुणवत्तापूर्ण रहता है। इससे बच्चों को भी स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध हो सकेगा। कमिश्नर ने अब तक आजीविका मिशन के अधिकारी द्वारा रीवा के स्कूलों में संचालित मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में समूह के प्रोडक्ट का मध्यान्ह भोजन में उपयोग नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त की और उन्हें कारण बाताओ नोटिस देने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने सभी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि मध्यान्ह भोजन में कार्यरत रसोईयों के मानदेय का भुगतान भी समय पर किया जाए। कमिश्नर ने व्हीबीजी रामजी योजना अंतर्गत युक्ति धारा पोर्टल के माध्यम से कार्य प्रारंभ करने की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की।
कमिश्नर ने एकल नल जल योजना की कार्य पूर्णता की समीक्षा की। बताया गया कि 366 नल जल योजनाएं संचालित हैं, 8 नल जल योजनाएं बंद हैं एवं 28 नल जल योजनाएं पंचायतों को हस्तांतरित कर दी गई हैं। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि 31 दिसंबर से पूर्व नल जल योजना का कार्य कंप्लीट कर ग्राम पंचायतो को हैंडओवर कर दी जाए। कमिश्नर ने कहा कि जल जीवन मिशन योजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है और भारत सरकार ने कार्य पूर्णता की समय सीमा 31 दिसंबर निर्धारित की है। अतः 31 दिसंबर से पूर्व हर हाल में कार्य पूर्ण कर लिया जाए। इस दौरान कमिश्नर ने नल जल योजना की पाइपलाइन बिछाने के लिए ठेकेदारों द्वारा सड़क की खुदाई करने की स्थिति पर सख्त नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि जिन ठेकेदारों ने रोड की खुदाई कर रेस्टोरेशन का कार्य नहीं किया है, उन सभी ठेकेदारों को बुलाकर रोड के रेस्टोरेशन का कार्य अनिवार्य रूप से कराया जाए। कमिश्नर ने कहा कि सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि ग्रामों में नल जल योजना के माध्यम से गुणवत्ता युक्त शुद्ध पेयजल की सप्लाई हो रही है कि नहीं इस बात का परीक्षण कर लिया जाए। सभी ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
सुगम संपर्क परियोजना की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिए की बारिश समाप्त हो चुकी है, अतः ईआरइएस के अधिकारी ग्रामों में सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दें। कमिश्नर ने ईआरइएस, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन ग्राम पंचायतो से सुगम संपर्क सड़क निर्माण का जो भी प्रस्ताव प्राप्त होता है उसमें अनिवार्य रूप से तारीख एवं हस्ताक्षर होने चाहिए, साथ ही प्राप्त प्रस्ताव मे दिनांक एवं हस्ताक्षर भी अनिवार्य रूप से किए जाएं। कमिश्नर ने कहा कि सभी अधिकारी फील्ड में जाकर सुगम संपर्क सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ करवाएं।
कमिश्नर ने पंचायत भवन एवं सामुदायिक भवन निर्माण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि पंचायत भवन निर्माण का कार्य किसी भी स्थिति में रुकना नहीं चाहिए क्योंकि हर गांव में शासकीय जमीन उपलब्ध है। उन्होंने गौशालाओं की स्थिति की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि जिन गौशालाओं में बिजली की व्यवस्था संभव नहीं है वहां सोलर लाइट की व्यवस्था की जाए साथ ही सभी पशुओं को पेयजल एवं चारा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए। कोई भी गौशाला बंद नहीं होनी चाहिए। कमिश्नर ने एक बगिया मां के नाम कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि लक्ष्य के अनुरूप बगिया नहीं बना रहे या बगिया में पौधा रोपित नहीं कर रहे और इस कार्य में रुचि नहीं ले रहे हितग्राहियों का प्रस्ताव निरस्त कर रुचि लेने वाले हितग्राहियों को कार्य सौंपा जाए। ग्राम पंचायत के तालाबों में मत्स्य पालन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिए की हितग्राहियों को मत्स्य तालाब में मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित किया जाए साथ ही तालाबों का पट्टा भी प्राथमिकता से दिया जाए। उन्होंने शेष रह गई सभी ग्राम पंचायत को ओएसआर ऑन बोर्डिंग के तहत ऑन बोर्डिंग करने के निर्देश दिए।
कमिश्नर ने विधायक एवं सांसद निधि से निर्मित किये जा रहे कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री सेवा संकल्प सेतु हेतु 3 अक्टूबर को ग्राम पंचायतों एवं 4 अक्टूबर को नगरीय निकायों में शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए और कहा कि सभी शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सेवा प्रदान करना है। सभी शिविरों में हितग्राहियों को अधिक से अधिक लाभ का वितरण किया जाए। कमिश्नर ने वाओ एप के माध्यम से स्कूल के शौचालयों की स्वच्छता के अंतर्गत स्वच्छता साथी द्वारा किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की और सभी ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को निर्देश दिए कि वह स्वच्छता साथी को अधिक से अधिक मोटिवेट करें और उनकी आमदनी बढ़ाने का आवश्यक प्रयास करें। कमिश्नर ने निर्देश दिये कि सभी स्कूल के प्राचार्य वाओ एप डाउनलोड करें और अपने शौचालय की सफाई वाओ एप के माध्यम से आए स्वच्छता साथी से करवाना सुनिश्चित करें। कमिश्नर ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर भी स्वच्छता साथी की हैंडलिंग करते रहें। बैठक में संयुक्त आयुक्त श्री वीरेंद्र पटेल, डिप्टी कमिश्नर श्रीमती दिव्या त्रिपाठी एवं अन्य सभी संबंधित अधिकारी गण उपस्थित रहे। साथ ही सभी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऑनलाइन उपस्थित रहे।






