जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की 75वीं वार्षिक साधारण सभा की बैठक कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित की गई। बैठक को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए सहकारी बैंक के प्रशासक तथा कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुरूप सहकारी बैंक सदस्य किसानों की संख्या में वृद्धि करें। जिले के अधिकतम किसानों को सहकारी समितियों को सदस्य बनाकर उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करें। कृषि, पशुपालन, मछलीपालन तथा कृषि पर आधारित उद्योगों में बैंक अधिक निवेश करे। लंबित ऋणों की वसूली पर भी ध्यान दें। शासन ने किसानों को केसीसी ऋण को साल में एक बार भुगतान करने की सुविधा दी है। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। सहकारी समितियां खाद-बीज और खाद्यान्न वितरण के साथ-साथ अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को भी संचालित करें।
बैठक में सहकारी बैंक के महाप्रबंधक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ने वर्ष 2026-27 के आय-व्यय तथा वर्ष 2027-28 के लिए प्रस्तावित बजट को प्रस्तुत किया। वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए 19 करोड़ 50 लाख रुपए के लाभ के बजट प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूर किया गया। श्री पाण्डेय ने लंबित ऋणों की वसूली, अमानत संग्रहण तथा चालू एवं कालातीत ऋणों की वसूली के संबंध में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। आमसभा में उपायुक्त सहकारिता बीके द्विवेदी, बैंक से जुड़ी समितियों के प्रशासक, शाखा प्रबंधक तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।






