महिला सशक्तिकरण एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” योजनांतर्गत संचालित “अपराजिता कार्यक्रम” में आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। शासकीय अनुसूचित जाति जनजाति छात्रावास में निवासरत बालिकाओं के लिए विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। छात्रावास में रह रही बालिकाओं को प्रातः एवं सायं दोनों सत्रों में नियमित रूप से व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह के निर्देशन में मास्टर ट्रेनर श्रीमती अनीता पटेल द्वारा बालिकाओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें आकस्मिक परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने के उपाय, मानसिक दृढ़ता का विकास, सतर्कता एवं त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का अभ्यास शामिल है। प्रशिक्षण के दौरान बालिकाओं को शारीरिक संतुलन, पकड़ से छूटने की तकनीक, दूरी बनाए रखने की रणनीति तथा आसपास उपलब्ध साधनों के उपयोग की जानकारी भी दी जा रही है। छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती फूलकुमारी साकेत के सक्रिय सहयोग एवं समन्वय से कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान बालिकाओं को महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं से भी अवगत कराया गया। वन स्टॉप सेंटर के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध कानूनी, चिकित्सीय एवं परामर्श सेवाओं की जानकारी साझा की गई।



