रीवा। कमिश्नर बीएस जामोद ने कमिश्नर कार्यालय में आयोजित बैठक में स्वरोजगार प्रकरणों के निराकरण की जिलेवारी समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि शासन की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के माध्यम से गरीबों को आर्थिक उन्नति के अवसर दिए जा रहे हैं। कई स्वसहायता समूह और व्यक्तिगत स्वरोजगारी शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर सफलतापूर्वक अपने छोटे-बड़े उद्यम संचालित कर रहे हैं। सभी बैंकर्स गरीबों के कल्याण की योजनाओं के प्रकरणों का संवेदनशीलता से निराकरण करें। शासन की योजनाओं और बैंकों से मिलने वाली छोटी सी मदद गरीब के आर्थिक विकास का बड़ा अवसर बन जाती है। गरीबों के आर्थिक विकास के पुण्य का लाभ उठाने में बैंकर्स पीछे न रहें। शासन के विभिन्न विभागों द्वारा बैंकों में दर्ज प्रकरणों को 28 फरवरी तक स्वीकृत और वितरित कराकर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करें। इसमें किसी भी तरह की कमी रहने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए तैयार रहें। गरीबों के हितों पर कुठाराघात करने वालों के हित भी सुरक्षित नहीं रहेंगे।
बैठक में कमिश्नर ने मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, उद्यम क्रांति योजना तथा पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि सतना और मैहर जिले ने स्वरोजगार योजनाओं में सराहनीय कार्य किया है। अन्य जिलों के अग्रणी बैंक प्रबंधक इसी तरह के प्रयास करें। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा टंट्या मामा भील स्वरोजगार योजना, बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना तथा अन्य योजनाओं में सीधी, सिंगरौली, रीवा और मऊगंज जिलों में प्रकरण बैंकों में प्रस्तुत न करने पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई। कमिश्नर ने कहा कि सभी योजनाओं सात दिन की समय सीमा में निर्धारित लक्ष्य से 25 प्रतिशत अधिक प्रकरण बैंकों में अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। बैंकों में समन्वय बनाकर इन प्रकरणों को 28 फरवरी तक स्वीकृत और वितरित कराएं। कमिश्नर ने लक्ष्य के अनुरूप बैंकों में प्रकरण दर्ज न करने वाले अधिकारियों का वेतन रोकने और वेतनवृद्धि रोकने का कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए।
बैठक में कमिश्नर ने कहा कि सहायक आयुक्त सीधी, सिंगरौली तथा जिला संयोजक रीवा निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार सात दिवस में प्रकरण बैंकों में प्रस्तुत करें। इन जिलों के अग्रणी बैंक प्रबंधक भी अपनी ओर से पहल करके प्रकरणों को स्वीकृत और वितरित कराएं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना तथा स्वनिधि योजना की प्रगति संतोषजनक नहीं है। बैंकर्स सीधी, सिंगरौली, रीवा और मऊगंज में इस योजना के लंबित सभी प्रकरण स्वीकृत और वितरित करें। घुमक्कड़ तथा अर्द्ध घुमक्कड़ समुदाय के हितग्राहियों के जाति प्रमाण जारी कराने पर कलेक्टर ध्यान दें। जाति प्रमाण पत्र जारी कराकर इन्हें स्वरोजगार योजनाओं से लाभान्वित कराएं। बैठक में जिला अन्त्यावसायी सहकारी समिति, ग्रामोद्योग तथा उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त संचालक पशुपालन डॉ. डीएस बघेल, कार्यकारी संचालक एमपीआईडीसी यूके तिवारी, अग्रणी बैंक प्रबंधक जगमोहन, प्राचार्य आईटीआई सोनम पाण्डेय तथा अन्य संबंधित अधिताकरी उपस्थित रहे। अन्य जिलों के अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।



