गोपाल पुरस्कार योजना : कैसे मिलेगा पशुपालकों को लाभ

देशी यानी भारतीय गौवंश का दूध सर्वाधिक पौष्टिक तथा गुणकारी होता है। इसमें कई विशिष्ट गुण पाये जाते हैं। भारतीय नस्ल की गाय तथा भैंस पालन को प्रोत्साहित करने के लिये गोपाल पुरस्कार योजना लागू की गई है। गोपाल पुरस्कार योजना के अन्तर्गत पशु चिकित्सा सेवायें विभाग द्वारा 15 फरवरी को पुरस्कार वितरण हेतु समारोह आयोजित किया जायेगा। पशुपालकों से 4 फरवरी तक आवेदन आमंत्रित किये गये हैं।

उप संचालक डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि उन्नत नस्ल की दुधारू गायों के पालन को बढ़ावा देने के लिए एवं अधिक दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 का जिला स्तरीय पुरस्कार वितरण का आयोजन 15 फरवरी को रीवा मुख्यालय में किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत  विकासखण्ड स्तर से दैनिक दुग्ध उत्पादन की वरीयता के आधार पर शीर्ष 10 गायों का चयन कर प्रतियोगिता आयोजित कर 3 गायों को पुरस्कृत किया जायेगा।

उप संचालक ने बताया कि जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार के रूप में 51 हजार रूपये, द्वितीय पुरस्कार 21 हजार रूपये, तृतीय पुरस्कार 11 हजार रूपये दिये जाते हैं। जिन पशुपालकों की भारतीय नस्ल की गाय (जैसे- गिर, साहिवाल) का दुग्ध उत्पादन 6 लीटर या उससे अधिक है वे पशुपालक अपने निकट के पशु चिकित्सा केन्द्रों में संपर्क कर 4 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं।

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