कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि सभी अधिकारी सीएम हेल्पलाइन की 50 दिवस से अधिक और नॉन अटेंडिंग शिकायतों को गंभीरता से लें। जिला स्तर के अधिकारी लंबित प्रकरणों का तत्परता से निराकरण कराएं। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में सिंगरौली जिले ने अच्छा कार्य करते हुए ए ग्रेडिंग हासिल की है। अन्य जिले भी लंबित शिकायतों का निराकरण कर अपनी ग्रेडिंग सुधारें। कमिश्नर ने ‘कमिश्नर्स-कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस’ के एजेंडा बिंदुओं पर की गई कार्यवाही की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकताओं पर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तत्काल ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराएं जिससे शासन स्तर पर संभाग की वास्तविक प्रगति परिलक्षित हो सके। सभी विभाग गत वित्तीय वर्ष में दिए गए लक्ष्यों के आधार पर हुई प्रगति का प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। बैठक में कमिश्नर ने कहा कि नरवाई जलाना पर्यावरण और भूमि दोनों के लिए हानिकारक है। इससे वायु प्रदूषण में बढ़ोत्तरी होती है और मृदा की उर्वरता भी प्रभावित होती है। इसलिए किसानों को नरवाई न जलाने के लिए समझाइश दें। हार्वेस्टर में स्ट्रारीपर लगे होने पर ही उन्हें फसल कटाई की अनुमति दें।
बैठक में कमिश्नर ने कहा कि प्रशासनिक नवाचार के तहत ई आफिस व्यवस्था लागू की गई है। अब कार्यालयों के अंदर तथा अन्य कार्यालयों में फाइलों का संचालन ऑनलाइन माध्यम से हो रहा है। ई आफिस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करके रीवा संभाग में संभागीय रैंकिंग में अक्टूबर माह से लगातार प्रदेश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। सभी विभागों में ई फाइलिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह से अपनाएं और भौतिक फाइलों पर निर्भरता कम करें। ई आफिस के माध्यम से कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गति आएगी जिससे आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी।
कमिश्नर ने कहा कि जल संरक्षण और संवर्धन हम सबकी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। जल गंगा संवर्धन अभियान में सभी अधिकारी बढ़चढ़ कर योगदान दें। जन भागीदारी से श्रमदान कराकर पुरानी जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने के प्रयास करें। शासन के निर्देशों के अनुरूप नदियों के उद्गम स्थलों की सफाई, पुरानी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार तथा गत अभियान के अधूरे जल संरक्षण के कार्यों को पूरा कराने पर विशेष जोर दें। अधीक्षण यंत्री पीएचई गर्मियों में संभाग के हर बसाहट में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रबंध करें। हैण्डपंपों के सुधार के लिए सभी विकासखण्डों में तत्काल कंट्रोल रूम शुरू करें। पेयजल के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर तत्परता से और संवेदनशीलता से कार्यवाही करें। जल गंगा संवर्धन अभियान में पीएचई और जल निगम के अधिकारी नलजल योजनाओं के स्त्रोत तथा हैण्डपंपों में रिचार्ज पिट बनाने का अभियान चलाएं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में पेयजल की नियमित आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
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बैठक में कमिश्नर ने संकल्प से समाधान अभियान के तहत शेष बचे सभी आवेदन पत्रों का तत्परता से निराकरण कराएं। इसके लिए सभी विभागीय अधिकारी पूर्ण संवेदनशीलता और जवाबदेही से कार्य करें। आवेदन पत्रों में आवेदकों की संतुष्टि के साथ निराकरण आवश्यक है। इस पर विशेष ध्यान दें। सभी अधिकारी नियमित रुपए से क्षेत्र भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का आंकलन करें और मौके पर समस्याओं का निराकरण करें। बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, उपायुक्त एलएल अहिरवार, अधीक्षण यंत्री पीएचई महेन्द्र सिंह, उप संचालक मछलीपालन डॉ. अंजना सिंह, सहायक संचालक कृषि प्रीति द्विवेदी, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. आरपी सिंह सहित अन्य संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



