रीवा संभाग के सभी जिलों में खेती का तेजी से विकास हो रहा है। बाणसागर बांध की नहरों से प्राप्त सिंचाई की सुविधा से फसल उत्पादन में तेजी से वृद्धि हो रही है। खेती को आधुनिक बनाने के लिए किसान अनेक उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं। किसानों की सुविधा के लिए कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल डीबीटी डॉट एमपीडीएजीई डॉट ओआरजी (dbt.mpdage.org) पर विभिन्न कृषि यंत्रों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की प्रक्रिया 2 सितंबर से प्रारंभ हो चुकी है।
इस संबंध में प्रभारी संयुक्त संचालक कृषि प्रीति द्विवेदी ने बताया कि आवेदन हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर, श्रेडर अथवा मल्चर, जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, बेलर, हे रेक, स्ट्रॉ रेक एवं स्लेशर जैसे यंत्रों के लिए किए जा सकते हैं। प्राप्त आवेदनों के आधार पर लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा तथा पृथक से लॉटरी की सूचना प्रकाशित की जाएगी। आवेदन के साथ किसानों को धरोहर राशि के रूप में डिमांड ड्राफ्ट डीडी संलग्न करना अनिवार्य होगा। हैप्पी सीडर, सुपर सीडर एवं स्मार्ट सीडर के लिए राशि 4500 रूपए का डिमांड ड्राफ्ट सहायक कृषि यंत्री रीवा के नाम से बनवाकर जमा करना होगा। इसी प्रकार श्रेडर अथवा मल्चर के लिए राशि 5500, जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल के लिए 3 हजार, बेलर के लिए 15 हजार, हे रेक अथवा स्ट्रॉ रेक के लिए 5 हजार तथा स्लेशर के लिए 2 हजार रुप्ए का डिमांड ड्राफ्ट सहायक कृषि यंत्री रीवा के नाम से बनवाकर जमा करना होगा। बिना धरोहर राशि के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदन करते समय किसानों को खसरा अथवा बी-1, बैंक पासबुक, ट्रैक्टर आरसी, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र यदि लागू हो एवं आधार लिंक मोबाइल नंबर प्रस्तुत करना होगा। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक किसान कृषि अभियांत्रिकी विभाग, सहायक कृषि यंत्री कार्यालय रीवा से संपर्क कर सकते हैं।




