दिनेश द्विवेदी, त्योंथर। शासकीय प्राथमिक शाला बरियानटोला संकुल रायपुर जनपद त्योंथर लापरवाही का चढ़ा भेंट जिसके पीछे की वजह है वहां पर पदस्थ शिक्षकों का विद्यालय से नदारद रहना। जब हमारे संवाददाता वीरान पड़े विद्यालय के पास पहुंचे तो वहां से गुजर रहे लोगों ने बताया कि यह विद्यालय तो बंद हो चुकी है तो किसी ने कहा यहाँ वीराने में जानवर भी नहीं आता फिर आप लोग क्यों आये हो। इसी दौरान विद्यालय के पास भैंस चरा रहे एक बुजुर्ग पास आये और बताया कि यह विद्यालय महीनों से बंद पड़ी है। यहाँ पर पदस्थ कुछ शिक्षकों का कभी – कभार जब इस रास्ते पर काम निकलता है तो वो लोग कुछ देर के लिए दिखते हैं, उसके बाद फिर गायब रहते हैं। जब उनसे पूंछा गया कि आपके गांव के बच्चे कहाँ पढ़ने जाते हैं तो उन्होंने बताया वो दूसरी बड़ी विद्यालय में चले जाते हैं क्यूंकि यह विद्यालय बंद रहती है।
खूबसूरत विद्यालय बन रहा खंडहर
विद्यालय को चारों तरफ से देखने पर कई महत्वपूर्ण मूलभूत सुविधाओं का अवशेष नज़र आया। जिसमें जल जीवन मिशन की टंकी, पाइप कनेक्शन, पानी पीने के लिए प्याऊ, साथ ही हैंडपंप में समर्सिबल का पाइप, रसोई आदि भी देखने को मिला। अफ़सोस कि यह सब धीरे – धीरे जर्जर होने कि कगार पर है। साथ ही विद्यालय के भवन पर लिखा हुआ नाम तक धूमिल हो चूका है जिससे पता ही नहीं चल रहा था कि इस भवन का अस्तित्व क्या है।
शुरू हुआ समझौते और डराने का सिलसिला
कई खरीदी केंद्रों और विद्यालयों से खबर एकत्रित करते हुये गंतव्य तक पहुँचते – पहुँचते काफी देर हो गई लेकिन खबर को दबाने और ना चलाने के लिए कई लोगों द्वारा सहयोगी पत्रकार साथियों को फ़ोन घुमाने, उन्हें हिदायत देने, डराने – धमकाने आदि में बिचौलियों को जरा भी देर नहीं हुई। कोई रिश्तों का हवाला देता है तो कोई आंखे दिखाता है लेकिन एक बार भी शायद किसी ने सम्बंधित शिक्षक से यह नहीं पूंछा कि आप विद्यालय क्यों नहीं जाते हैं ? आप को दी गई जिम्मेदारी के बदले शिक्षा विभाग द्वारा तय वेतन है फिर भी आप विद्यालय क्यों नहीं जाते हैं ?
एक तरफ सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को शिक्षित करने के लिए लाखों – करोड़ों खर्च कर रही है तो दूसरी तरफ ऐसे कई विद्यालय शिक्षकों की मनमानी के भेंट चढ़ गए हैं और नौनिहाल कलम के बदले घरों की जिम्मेदारी में झोंक दिये गए हैं। अब देखना होगा कि इस खबर पर बीआरसी त्योंथर या जिला शिक्षा अधिकारी रीवा क्या कार्यवाई करते हैं।
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