संघर्ष यात्रा का मटियारी में भव्य स्वागत, देर रात तक चलता रहा कार्यक्रम

त्योंथर को जिला बनाओ नारे को लेकर विगत 27 फ़रवरी से निरंतर संघर्ष यात्रा डभौरा से जवा, चिल्ला, त्योंथर, सोहागी, बड़ागावं से होते हुए त्योंथर के पूर्वांचल में बसे ककरहा, रायपुर – सोनौरी, कोरांव, डीह के रास्ते 4 मार्च को ग्राम मटियारी पंचायत फरहदी पहुंची, जहाँ विश्राम के लिए वर्तमान सरपंच समेत ग्रामीणों द्वारा संघर्ष यात्रा में संघर्ष कर रहे पद यात्रियों की आरती कर गुलाल लगा भव्य स्वागत किया गया।

सोनौरी मार्ग में स्थित मटियारी गांव में संघर्ष यात्रा के स्वागत में सैकड़ों लोग मौजूद रहे, जिनके द्वारा पद यात्रियों के समर्थन में जमकर नारे लगाए गए। इस दौरान सैकड़ों लोगों कि उपस्थिति में जनसभा भी लगाई गई, जिसमें संघर्ष यात्रा को लेकर जनता को सम्बोधित किया गया। जनता के सम्बोधन में अधिवक्ता श्री अखिलेश द्विवेदी झल्लर भइया द्वारा बताया गया कि कैसे यात्रा को लेकर लोगों ने उनका स्वागत सत्कार किया और संघर्ष यात्रा का मनोबल बढ़ता गया। इसी कड़ी में अधिवक्ता श्री रमा शंकर मिश्र द्वारा बताया गया कि कैसे पैरों के छालों ने हमें रोकने कि कोशिश की लेकिन जब संकल्प ” त्योंथर को जिला बनाएंगे, मऊगंज नहीं जायेंगे ” कि आवाज कानों में पड़ती तो कदम अपने आप ही आगे बढ़ने लगते थे। संघर्ष यात्रा में एक मीठी आवाज जो जनता के लिए कौतुहल बनी रहीं गृषा शुक्ला ने जब बोलना शुरू किया तो चारो तरफ शांति छा गई। संघर्ष यात्रा में इतना संघर्ष करने के बावजूद गृषा के चेहरे पर थकान के बजाय जीत कि मुस्कुराहट झलक रही थी। संघर्ष यात्रा में भारी आवाज के साथ नारेबाजी करते श्री धर्मेश शुक्ला ने पूरी टीम को समेटने का काम किया है। उनके द्वारा वर्तमान सरकार को भी जमकर खरी खोटी सुनाई गई। जनसभा के दौरान अपने बेहतरीन भाषण के माध्यम से लोगों में जोश भरते श्री जय प्रकाश मिश्र ने तो जनता को मन्त्रमुग्ध ही कर दिया था। संघर्ष यात्रा में चलते हुए संकल्पित डॉ कृपा शंकर शुक्ल, अधिवक्ता मनोज सिंह गहरवार एवं विवेक मिश्र छोटू ने साथियों का हौंसला बढ़ाने में कोई कसर न छोड़ी। एक छोर से दूसरे छोर तक तक़रीबन सबा सौ किलोमीटर कि यात्रा में किसान नेता श्री ललित मिश्र मऊगंज और त्योंथर के बीच एक डोरी का काम कर रहे थे। उनके माध्यम से पद यात्रियों को पल – पल कि खबर मिलती रही। अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष श्री ब्रह्मनारायण शर्मा जी ने अपने ख़राब स्वास्थ्य के बावजूद संघर्ष यात्रियों को अकेले नहीं छोड़ा। साथ ही अड़ियल महराज, प्रवीण शर्मा, अरविंद मिश्र महाकाल और कई अन्य साथियों द्वारा संघर्ष यात्रा को लगातार मजबूती प्रदान कि जाती रही। मटियारी सभा के दौरान जनता और संघर्ष यात्रा दोनों का हौंसला बनाये रखने के लिए चंदई महराज श्री अशोक कुमार मिश्र जी, ख्यातिलब्ध पत्रकार श्री मधुकर द्विवेदी जी, श्री कौशलेश द्विवेदी जी द्वारा जोरदार भाषण दिया गया।

हालाँकि कुछ यात्री ऐसे भी रहे जो अपने वाहन के माध्यम से जगह – जगह पर संघर्ष यात्रा में अपनी उपस्थिती दर्ज कराते रहे। साथ ही जनता को सम्बोधित कर संघर्ष यात्रा को लेकर जानकारी साझा करते रहे। सबसे देखने वाली बात यह थी कि मटियारी पड़ाव के दौरान गांव के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति 94 वर्षीय पहलवान श्री राम कैलाश मिश्र द्वारा भी जनसभा में सिरकत की गई और संघर्ष यात्रियों को आशीष एवं शुभकामनायें दी गईं। मटियारी विश्राम के दौरान ग्राम पंचायत फरहदी सरपंच श्री राजीव मिश्र गुड्डू, पूर्व सरपंच अशोक कुमार मिश्र, ग्रामीण गाँधी श्री रमाकांत मिश्र, ख्यातिलब्ध बघेली कवि सुधा कान्त मिश्र बेलला, कमला कान्त मिश्र, देवी शंकर मिश्र, रमेश मिश्र, देवेंद्र मिश्र, रामअभिलाष मिश्र, अरुण मिश्र, किशोर कुमार मिश्र, राजू मिश्र, नागेंद्र मिश्र, राजेंद्र प्रसाद मिश्र, चक्रधर मिश्र, सुनील मिश्र, पवन मिश्र, गब्बर मिश्र, दिवाकर मिश्र, राजकुमार मिश्र, कुंदन मिश्र, गुनी मिश्र, आशीष मिश्र, राजन मिश्र, अतुल मिश्र, प्रांशु मिश्र, अर्पित मिश्र, आकृत मिश्र, संदीप मिश्र, उज्ज्वल मिश्र, राजू सिंह, सौरभ, रजनीश मिक्की, बब्बू लाल आदि एवं ग्राम पंचायत अमांव टोंकी से सत्यदेव मिश्र, आनंद मिश्र, मुन्ना लाल मिश्र, त्रिवेणी मिश्र, कुलदीप मिश्र, आशीष मिश्र, बघेड़ी से रमेश महराज जी, रमाशंकर मैकू सेठ, अंजनी तिवारी समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। (ब्रहमानंद त्रिपाठी बहरैचा)

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