रीवा जिले के त्योंथर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत सतपुरा उर्फ पड़िवार में विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन द्वारा जारी की गई राशि का उपयोग जमीन पर नहीं हो रहा है, बल्कि अधिकांश कार्य केवल कागजों में पूर्ण दिखाकर राशि का बंदरबांट कर लिया जाता है।
सड़क का हाल नहीं बदला, खर्च हर साल:
ग्रामीणों के अनुसार सतपुरा उर्फ पड़िवार से मटियार ऊसर गांव की ओर जाने वाली सड़क विगत कई वर्षों से जर्जर है। मेंटेनेंस के नाम पर इस सड़क पर बार-बार लाखों रुपये खर्च दिखाया गया, लेकिन मौके पर स्थिति जस की तस है। बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आवागमन में भारी परेशानी होती है। आरोप है कि इस बार भी उसी सड़क को कागजों में बनाकर राशि निकाल ली गई, जबकि मौके पर केवल एक ट्रैक्टर गिट्टी गिराई गई। ग्रामीणों का कहना है कि एक ट्रैक्टर गिट्टी की कीमत को भी लाखों में दिखाया गया है।
दो कार्यों पर भी सवाल:
शिकायत के अनुसार दो अन्य कार्यों में भी अनियमितता बरती गई है:
1. नाली निर्माण – दिनांक 18/05/2026 को स्वीकृत राशि 69,700 रुपये। आरोप – कार्य मौके पर नहीं हुआ, कागजों में पूर्ण।
2. कल्वर्ट / पुलिया निर्माण – दिनांक 10/05/2026 को स्वीकृत राशि 2,28,000 रुपये। आरोप – निर्माण नदारद, दस्तावेजों में दर्ज।
इसके अलावा वर्ष 2025-26 के लिए पंचायत में प्रारंभिक शेष राशि 27,93,770 रुपये बताई जा रही है, जिसके खर्च का कोई स्पष्ट हिसाब ग्रामीणों को नहीं मिल पाया है।
क्या बोले शिकायतकर्ता?
अधिकार विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र तिवारी ने बताया कि पंचायत सचिव लंबे समय से इसी पंचायत में पदस्थ हैं और बगल के गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि एक ही पंचायत में वर्षों से जमे रहने के कारण भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कलेक्टर महोदय से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर विधिवत और निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
ग्रामीणों की मांग:
- सतपुरा-मटियार मार्ग की मौके पर जांच हो
- नाली और कल्वर्ट कार्यों का भौतिक सत्यापन हो
- 27.93 लाख रुपये के खर्च का ऑडिट हो
पंचायत का पक्ष:
इस संबंध में पंचायत सचिव और सरपंच से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, उनका पक्ष आने पर प्रकाशित किया जाएगा।





