नई दिल्ली/विंध्य अलर्ट। CJP संगठन के तीन प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रविवार शाम रिहा कर दिया गया है। इन तीनों को शनिवार को जैसे ही वे दिल्ली लैंड हुए थे, दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तीनों नेताओं के खिलाफ शांति भंग की आशंका के चलते यह कार्रवाई की गई थी। शनिवार को दिल्ली पहुंचते ही इन्हें डिटेन कर दिल्ली कैंट स्थित SEM (Special Executive Magistrate) कोर्ट में पेश किया गया।
पुलिस का बयान
दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि – तीनों को दिल्ली कैंट स्थित SEM कोर्ट में पेश किया गया। दीपके, सौरव और आशुतोष की एक साल तक शांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होने की शर्त पर रिहाई हुई है। इन्होंने 50,000 रुपये का जमानती बॉन्ड भरा है। एक साल की पाबंदीकोर्ट ने रिहाई के साथ शर्त रखी है कि अगले एक साल तक ये तीनों किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे जिससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग हो। यदि इस शर्त का उल्लंघन होता है तो जमानती राशि जब्त कर ली जाएगी और दोबारा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल तीनों नेता अपने घर लौट चुके हैं और CJP संगठन ने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया है।
हालांकि बांड मामले में अजीत एक वीडियो में इंकार करते सुने जा सकते हैं।







