रीवा कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने आम जनता के 454 आवेदन पत्रों में सुनवाई की। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी जनसुनवाई के आवेदनों का सात दिन में निराकरण करके प्रतिवेदन ऑनलाइन प्रस्तुत करें। कलेक्टर ने जनसुनवाई में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल न होने पर सीईओ रायपुर कर्चुलियान जनपद पंचायत तथा तहसीलदार सेमरिया के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जनसुनवाई में स्थानांतरण के बाद कार्यमुक्त कराने के लिए आवेदन देने वाले व्याख्याता मुंशीलाल कोल हाईस्कूल रायपुर सोनौरी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। श्री कोल को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विभागीय अधिकारियों के माध्यम से आवेदन पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी, एसडीएम हुजूर डॉ. अनुराग तिवारी, डिप्टी कलेक्टर जितेन्द्र तिवारी, डिप्टी कलेक्टर अदिति जैन तथा अन्य अधिकारियों ने भी आवेदनों में सुनवाई की।
जनसुनवाई में अंबिका प्रसाद शुक्ला निवासी अगडाल ने फोरलेन सड़क की सर्विस रोड से घर तक आवागमन की सुविधा के लिए आवेदन दिया। कलेक्टर ने जिला प्रबंधक एनएचआई को आवेदन में कार्यवाही के निर्देश दिए। रामरती पाण्डेय निवासी सगरा ने स्वामित्व योजना के तहत आवासीय भूमि के पट्टे के लिए आवेदन दिया। कलेक्टर ने तहसीलदार हुजूर को आवेदन के निराकरण के निर्देश दिए। प्रहलाद साकेत निवासी महसांव ने खसरे में सुधार के लिए आवेदन दिया। कलेक्टर ने एसडीएम गुढ़ को कार्यवाही के निर्देश दिए। सुवेश द्विवेदी निवासी पचहट ने गांव की सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने के संबंध में हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश का पालन कराने के लिए आवेदन दिया। कलेक्टर ने तहसीलदार जवा को मौके पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए। केमला प्रसाद निवासी तेंदुआ ने भू-अर्जन की राशि के भुगतान के लिए आवेदन दिया। कलेक्टर ने प्रभारी अधिकारी भू-अर्जन को आवेदन में कार्यवाही के निर्देश दिए। जनसुनवाई में उपचार सहायता, पेंशन भुगतान, पंचायत द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों में अनियमितता की जाँच तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवेदनों में सुनवाई की गई।






