मऊगंज। खटखरी में सड़क हादसे की कवरेज के दौरान मऊगंज थाना प्रभारी राम सिंह पर पत्रकारों से कथित अभद्रता और मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी देने के आरोप के बाद जिले में पत्रकारों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पत्रकार अब खुलकर विरोध के मूड में हैं। पत्रकारों का आरोप है कि 9 अगस्त की रात खटखरी में हुए सड़क हादसे की कवरेज के दौरान थाना प्रभारी ने न केवल पत्रकारों को कवरेज करने से रोका, बल्कि भीड़ के बीच कथित रूप से अपमानित करते हुए पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि पत्रकार मौके पर नजर न आएं। इतना ही नहीं, पत्रकारों को मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी भी दी गई।
घटना के विरोध में मऊगंज के पत्रकारों ने 10 अगस्त को पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन को ज्ञापन सौंपकर तीन दिन के भीतर दोषी अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की थी। तय समय बीतने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर बुधवार को पत्रकारों ने कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर पी.के. पांडे को दूसरा ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई। ज्ञापन में पत्रकारों ने कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र का आधार है और समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण तथा प्रशासन का सहयोग मिलना चाहिए। यदि पत्रकारों को ही धमकाया जाएगा तो आम जनता की समस्याएं और घटनाएं निष्पक्ष रूप से सामने नहीं आ पाएंगी।
पत्रकारों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि थाना प्रभारी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई तो 15 अगस्त को राष्ट्रीय पर्व के कार्यक्रमों का बहिष्कार नहीं किया जाएगा, लेकिन जिले के पत्रकार हाथों में काली पट्टी बांधकर कवरेज करेंगे और पुलिस विभाग के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराएंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता, सम्मान और सुरक्षा की रक्षा के लिए होगा।
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