गंगेव। रीवा जिले के गंगेव जनपद में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व जनपद सीईओ प्रमोद कुमार ओझा के संरक्षण में हुआ कराधान घोटाला हो या विवाह सहायता योजना में भ्रष्टाचार हर काम में शासन की योजनाओं में खर्च होने वाले लाखों करोड़ों का बंदरबाट हुआ है। गंगेव जनपद की 88 ग्राम पंचायतों में वित्त आयोग एवं मनरेगा योजना अंतर्गत प्राप्त होने वाली राशि में भी कमीशन खोरी का खेल चल रहा है और अमानक गुणवत्ताविहीन सामग्रियों से निर्माण कार्य कराए जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही है।
ताजा मामला गंगेव जनपद की हिनौती ग्राम पंचायत का है जहां हरिजन बस्ती हिनौती के एक नाली निर्माण में बालू के स्थान पर घटिया मिट्टी युक्त डस्ट अमानत गिट्टी और सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है जिसको लेकर ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं। हिनौती ग्राम निवासी मुन्नालाल साकेत एवं राममिलन साकेत ने बताया की सरपंच और सचिव की मनमानी से शासन की योजनाओं में पलीता लगाया जा रहा है। इस बात को लेकर ग्रामीणों ने विरोध भी दर्ज कराया लेकिन उनकी नहीं सुनी जा रही है जिसको लेकर ग्रामीणों द्वारा बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।




