पशुपालन विभाग अंतर्गत केंद्र सरकार की पशुओं में सेक्स सार्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान योजनान्तर्गत नई वैज्ञानिक तकनीकी जिसमे 90 प्रतिशत मादा बछिया ही पैदा होने की संभावना होती है। संभाग अन्तर्गत मैहर जिले के रामसखेन्द्र गौशाला इसका जीता जागता उदाहरण प्रमाण प्रस्तुत कर रही है। जहां एक ओर लोग जानवरों को छोड़ रहे वहाँ पर विगत वर्षों में निराश्रित गौवंशों को आश्रय देने हेतु रामसखेन्द्र गौशाला वार्ड क्र0-2 में 1170 निराश्रित गौवंश है।
उप संचालक पशुपालन प्रदीप कुमार द्विवेदी एव गौशाला के संरक्षक सीता बल्लभ शरण महाराज जी के द्वारा उन्नत नस्ल हेतु योजना बनाई गई, जिसमे गौसंवर्धन करने हेतु स्वस्थ 200 गायों का चयन कर कृत्रिम गर्भाधान का कार्य विगत 2 वर्षों से शुरू किया गया जिसमे मुख्य रूप से सेक्स सार्टेड सीमेन का उपयोग किया गया, एव लगातार स्वास्थ्य परीक्षण एव इनके पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया जिसका परिणाम यह हुआ कि 126 गायें गर्भवती हुई एवं इन गायों में से 121 गायों ने उन्नत नस्ल के गौवंश पैदा हुये। खास बात ये है कि सेक्स सार्टेड सीमेन कि अवधारणा जिसमे अधिकतम बछिया पैदा करना है, इस गौशाला मे कुल 114 मादा बछिया एव मात्र 7 नर बछड़े पैदा हुये जो उन्नति नस्ल के गिरि एव साहीवाल बछिया है। इस कार्यक्रम से प्रेरित होकर नजदीकी ग्रामवासी भी प्रेरित हो रहे है एवं अपनी गायों मे सेक्स सार्टेड सीमेन द्वारा कृत्रिम गर्भाधान हेतु प्रेरित हो रहे हैं। डॉ. राजेश मिश्रा संयुक्त संचालक पशुपालन एव डेयरी विभाग ने उप संचालक पशुपालन प्रदीप कुमार द्विवेदी को इस कार्य के लिये प्रोत्साहित किया जिसका सार्थक परिणाम सामने आया।




