तक़रीबन 2 किलोमीटर पैदल मार्च कर तहसील कार्यालय पहुंचे लोग, राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
मध्यप्रदेश के प्रवेश द्वार त्योंथर में यूजीसी रोलबैक, आरक्षण रिफॉर्म, एसीएसटी कानून रिफॉर्म सहित विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन। अपनी मांगों और चिंताओं को लेकर बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग सड़क पर उतरे और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाई। प्रदर्शन के दौरान सर्व समाज के लोगों ने तक़रीबन दो किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला। इस दौरान हाथों में यूजीसी रोलबैक, आरक्षण रिफॉर्म, एसीएसटी कानून रिफॉर्म सहित अपनी मांगों से संबंधित संदेश लिए नारे लगाते हुए तहसील कार्यालय त्यौंथर पहुंचे। इस दौरान सर्व समाज के लोगों में एकजुटता और अनुशासन देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक माध्यम से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। तहसील कार्यालय पहुंचने के बाद समाज के प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से यूजीसी रोलबैक, आरक्षण रिफॉर्म, एसीएसटी कानून रिफॉर्म सहित विभिन्न मुद्दों सहित समाज की अन्य प्रमुख मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया। इस दौरान संगठित लोगों ने शासन – प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द उचित निर्णय लेने की अपील की। सर्व समाज के लोगों ने एक साथ मिलकर कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है और इसी अधिकार का उपयोग करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से यह प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करेगी और जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाएगी। प्रदर्शन में शामिल अंकित शुक्ला ने कहा कि समाज की मांगों को लेकर यह एक शांतिपूर्ण प्रयास है। यदि समय रहते उनकी मांगों पर उचित विचार नहीं किया गया तो भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान सवर्ण समाज की एकजुटता और अनुशासित तरीके से रखी गई मांगें क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रहीं।
पूरे आयोजन में अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला मंत्री नाथूराम चौधरी का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने मंच से यूजीसी मुद्दे पर अपनी ही सरकार और प्रधानमंत्री को लेकर तीखे शब्दों में अपनी नाराजगी जाहिर की। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनके द्वारा कहा गया कि, हम सब मिलकर रहते हैं, थोड़ा 19 20 होता रहता है लेकिन ओछी राजनीति के चक्कमें आपसी एकता द्वेष बदलती जा रही है। शासन – प्रशासन को सभी वर्ग के लोगों को लेकर चलना चाहिए। यह देश की एकता और अखंडता के लिए आवश्यक है।
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