- आंगनवाडी कार्यकर्ता पूजा पाण्डेय की सेवा समाप्ति के लिए कारण बताओ नोटिस
- कार्य में लापरवाही पर पर्यवेक्षक और एएनएम को अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए जारी हुआ नोटिस
- कलेक्टर ने दिये सुरांगी की बालिका के उपचार के दौरान हुई मृत्यु की जांच के निर्देश
कलेक्टर सतना डॉ. सतीश कुमार एस ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मझगवां में गत दिवस मंगलवार को सायं 5 बजे वार्ड नम्बर 13 पथरा (सुरांगी) से उपचार हेतु लाई गई बालिका प्रियांशी (सुप्रिया) उम्र 4 माह की जिला चिकित्सालय सतना में उपचार के दौरान हुई मृत्यु की संयुक्त जांच करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला विकास को दिये थे और कार्य में लापरवाही पाये जाने पर संबंधितों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला और जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह द्वारा की गई जांच के निष्कर्षो के आधार पर कर्तव्य में लापरवाही पाये जाने पर महिला बाल विकास की पर्यवेक्षक श्रीमती करूणा पाण्डेय और एएनएम विद्या चक्रवर्ती को अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए तथा आंगनवाडी कार्यकर्ता पूजा पाण्डेय को सेवा समाप्ति करने कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही जिले में अवैध रूप से उपचार दे रहे व्यक्तियों के खिलाफ प्रशासन के सहयोग से वैधानिक कार्यवाही भी प्रारंभ की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला और जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह ने अपने संयुक्त जांच प्रतिवेदन के अनुसार बताया है कि चित्रकूट थाना नयागांव के ग्राम पथरा (सुरांगी) निवासी श्रीमती विमला प्रजापति पति नत्थूलाल प्रजापति ने 21 दिसम्बर 2025 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मझगवां में 2 बच्चों को जन्म दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मझगवां के दस्तावेजों के अनुसार एक बच्चे का वजन 2 किलो तथा दूसरे बच्चे का वजन 1.90 किलो था। इस महिला यह चौथा प्रसव था। इसके पूर्व पांच वर्ष की एक लडकी और दो वर्ष का एक लडका पूर्व से रहे हैं। महिला के पहले बच्चे की मृत्यु पूर्व में हो गई थी। चौथे प्रसव में दो जुडवा बच्चे चार माह के हो चुके हैं। जिन्हें जन्म के समय सभी टीके दिये गये थे। बालक नैतिक एवं बालिका प्रियांशी की 20 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य जांच की गई। बालक नैतिक को डेढ माह वाला टीका लगाया गया जबकि बालिका सुप्रियांशी उर्फ प्रियांशी को टीका लगवाने से मां ने मना कर दिया कि दोनों बच्चों को एक साथ टीका लगने पर बुखार आने से वह उन्हें संभाल नहीं पायेंगी। इसके बाद बालिका सुप्रियांशी को 23 मार्च 2026 को डेढ माह वाला टीका लगाया गया और स्वास्थ्य जांच की गई। किन्तु माता ने बालक नैतिक को दूसरा टीका नहीं लगवाया और ना ही स्वास्थ्य जांच के लिए उसे लेकर आई। बालक को दोनों सेवायें टीकाकरण स्थल आंगनवाडी केन्द्र में दी गई।



