भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना एवं टंट्या मामा आर्थिक कल्याण

भगवान बिरसामुण्डा स्वरोजगार योजना एवं टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के लिये जिले का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। जिला संयोजक अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार भगवान बिरसा मुण्डा योजना के लिये 15 तथा टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के लिये 78 प्रकरणों का लक्ष्य नियत किया गया है। जिले के बैंकों के लिये लक्ष्य का पुर्नवंटन कर ऋण प्रकरणों की समय सीमा में स्वीकृति जारी करने की अपेक्षा बैंकर्स से की गई है। भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना में उद्योग इकाई विनिर्माण हेतु एक लाख से 50 लाख की परियोजनायें एवं सेवा इकाई व खुदरा व्यवसाय हेतु एक लाख रूप्ये से 25 लाख तक की परियोजनायें एवं 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान 7 वर्ष तक नियमित रूप से ऋण भुगतान की शर्त पर त्रैमासिक दिया जायेगा। गारंटी फीस म.प्र. शासन द्वारा देय होगी। इसके लिये आवेदक जिले का निवासी हो, आवेदक अनुसूचित जनजाति वर्ग का सदस्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र, आवेदक की उम्र 18 से 55 वर्ष के मध्य हो, आवेदक वर्तमान में राज्य अथवा केन्द्र सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का हितग्राही न हो। आवेदक स्वयं किसी बैंक अथवा किसी वित्तीय संस्था का डिफाल्टर न हो। पात्रता धारी आवेदक एमपी आनलाइन के पोर्टल के माध्यम से उक्त योजनाओं में आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी हेतु कार्यालय कलेक्टर जनजातीय कार्य विभाग रीवा में संपर्क किया जा सकता है।

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