सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में जटिल आपरेशन कर बचाई रोगी की जान

सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल रीवा में हृदय रोग विभाग में जटिल प्रोसीजरर द्वारा सीआरटीडी मशीन को रोगी के हृदय में इंप्लांट करके उसकी जान बचाई गई। इस संबंध में अस्पताल के अधीक्षक डॉ अक्षय श्रीवास्तव ने बताया कि सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में विन्ध्य और बुंदेलखण्ड क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के अन्य जिलों के भी हृदय रोगी उपचार के लिए लगातार पहुंच रहे हैं। हाल ही में मेडिकल कालेज में अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे प्रशिक्षु डॉक्टर के पिताजी को गंभीर स्थिति में हास्पिटल में भर्ती कराया गया। अधिक आयु के हृदय रोगी को सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। एक वर्ष पूर्व ही उनकी एंजियोप्लास्टी कराई गई थी। सुपर स्पेशलिटी के डॉ एसके त्रिपाठी द्वारा की गई इको कार्डियोग्राफी में मालूम हुआ कि रोगी का हृदय केवल 20 प्रतिशत पंपिंग कर रहा है। ऐसी स्थिति में उसे कभी भी गंभीर कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। रोगी को तत्काल जीवन रक्षा के लिए एक विशेष प्रकार के जटिल प्रोसीजर द्वारा हृदय में सीआरटीडी मशीन इम्प्लांट की गई। इसके बाद रोगी की हार्ट की पंपिंग में वृद्धि हुई। इस तरह का जटिल आपरेशन सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में पहली बार किया गया। डॉ एसके त्रिपाठी तथा उनके सहयोगी डॉक्टरों ने इस आपरेशन को सफलतापूर्वक करके गंभीर रोगी की जान बचाई।

अधीक्षक डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि ठण्ड बढ़ने के साथ हृदय रोग से पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ती है। हृदय रोगी को यदि समय पर सही उपचार न मिले तो उसकी असामयिक मृत्यु हो जाती है। किसी भी व्यक्ति को बेचैनी महसूस हो, सांस लेने में कठिनाई हो अथवा सांस फूल रही हो तो तत्काल विशेषज्ञ डॉक्टरों से उपचार कराएं। सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में अब तक लगभग एक हजार कोरोनरी एंजियोप्लास्टी के सफल आपरेशन किए गए हैं। अस्पताल में तीन सौ हृदय रोगियों को पेसमेकर लगाए गए हैं। प्रदेश का प्रथम लीडलेस पेसमेकर भी सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में ही रोगी को लगाया गया। सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल गंभीर और जटिल रोगों के उपचार में लगातार सफलताएं प्राप्त कर रहा है।

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