कमिश्नर कार्यालय में आयोजित बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने पेंशन प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय तक विभाग में अपनी सेवाएं देते हैं। उनके स्वत्वों का भुगतान सेवानिवृत्त दिनांक को ही अनिवार्य रूप से देना चाहिए। सभी अधिकारी पेंशन प्रकरण तैयार करने और दर्ज करने में संवेदनशीलता से प्रयास करें। समय पर पेंशन प्रकरण दर्ज न करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। अलग-अलग कारणों से जो पेंशन प्रकरण लंबित हैं उनका सात दिवस में निराकरण करके प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।
कमिश्नर ने कहा कि शासकीय कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने से तीन माह पूर्व पेंशन प्रकरण तैयार करके पेंशन कार्यालय में प्रस्तुत कर दे। कर्मचारियों से संबंधित विभागीय जाँच, न्यायालयीन प्रकरण अथवा अन्य किसी भी तरह की बाधा को तीन माह की अवधि को दूर करके पेंशन प्रकरण समय पर दर्ज करा दें। पेंशन प्रकरण से संबंधित सभी दस्तावेज समय पर प्राप्त करके उनका सत्यापन करा लें। पेंशन अधिकारी दर्ज प्रकरणों का तत्परता से निराकरण करें। पेंशन प्रकरणों में अनावश्यक आपत्ति दर्ज न करें। संभागीय पेंशन अधिकारी हर सप्ताह निराकृत पेंशन प्रकरणों की जिलेवार जानकारी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। कमिश्नर ने बैठक में समुचित जानकारी उपलब्ध न कराने पर प्रभारी पेंशन अधिकारी सतना को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, एसडीएम गोपदबनास नीलेश शर्मा, तहसीलदार त्योंथर, सीईओ जवा तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




