संभाग में अब तक खनिज राजस्व में मिली 2112.24 करोड़ रुपए की राशि

रीवा संभाग के सभी जिलों में प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा के भंडार हैं। सिंगरौली जिला कोयले के भंडार के कारण प्रदेश के सर्वाधिक राजस्व देने वाले जिलों में से एक है। साथ ही सिंगरौली देश की ऊर्जाधानी के रूप में भी जाना जाता है। रीवा संभाग में मुख्य रूप से कोयला, बाक्साइट, लौह अयस्क, लाइम स्टोन, रेत, गेरू पत्थर, फर्शी पत्थर तथा लेटराइट के खनिज भण्डार हैं। संभाग में इस वर्ष एक अप्रैल से 31 अक्टूबर तक कुल 2112 करोड़ 24 लाख रुपए का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है। यह आनुपातिक वार्षिक लक्ष्य का 87.87 प्रतिशत है। संभाग में सर्वाधिक खनिज राजस्व 1965.4 करोड़ सिंगरौली जिले से प्राप्त हुआ है।

इस संबंध में उप संचालक खनिज साधन संजीव मोहन पाण्डेय ने बताया कि संभाग के लिए इस वर्ष के लिए कुल 4750 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया गया है। संभाग में 31 अक्टूबर तक 2403 करोड़ 58 लाख रुपए का खनिज राजस्व प्राप्त करने का आनुपातिक लक्ष्य दिया गया है। एक अप्रैल से अब तक इसकी 87.87 प्रतिशत प्राप्ति हो गई है। अब तक के लक्ष्य के अनुसार रीवा जिले में 35.225 करोड़ के विरूद्ध 15.434 करोड़ तथा मऊगंज जिले में 5.491 करोड़ के विरूद्ध 4.188 करोड़ रुपए खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है। इसी तरह सतना जिले के लिए अब तक के आनुपातिक लक्ष्य 54.91 करोड़ के विरूद्ध 43.83 करोड़, मैहर में 70.139 करोड़ के लक्ष्य के विरूद्ध 64.492 करोड़ रुपए के राजस्व की प्राप्ति हुई है। सीधी जिले में 24.865 करोड़ रुपए के लक्ष्य के विरूद्ध 18.894 करोड़ तथा सिंगरौली जिले में 2212.95 करोड़ रुपए के लक्ष्य के विरूद्ध 1965.40 करोड़ रुपए का खनिज राजस्व प्राप्त हो गया है। वित्तीय वर्ष के अंत तक शत-प्रतिशत से अधिक खनिज राजस्व की वसूली के प्रयास किए जा रहे हैं।

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