निर्वाचन व्यय की मानीटरिंग पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से करें – व्यय प्रेक्षक

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लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए रीवा संसदीय क्षेत्र हेतु भारत निर्वाचन आयोग द्वारा श्री अखिलेन्द्र प्रताप यादव को व्यय प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। व्यय प्रेक्षक की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में निर्वाचन व्यय की मानीटरिंग के लिए सहायक व्यय प्रेक्षक, उड़नदस्ता दल, स्थैतिक निगरानी दल, वीडियो निगरानी दल, मीडिया सर्टिफिकेशन, लेखा दल के प्रभारी अधिकारियों की बैठक संपन्न हुई। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल व पुलिस अधीक्षक श्री विवेक सिंह भी उपस्थित रहे।

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बैठक को संबोधित करते हुए व्यय प्रेक्षक श्री अखिलेन्द्र प्रताप यादव ने कहा कि प्रत्याशियों एवं राजनैतिक दलों के चुनाव खर्च की निगरानी के लिए विभिन्न दलों का गठन किया गया है। निर्वाचन व्यय की मानीटरिंग दल में शामिल सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ सौंपे गये दायित्वों का निर्वहन करना आवश्यक है। इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिये कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित की गयी गाइडलाइन के अनुसार ही निर्वाचन व्यय की मानीटरिंग सुनिश्चित की जाय। व्यय प्रेक्षक ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा स्वंत्रत व निष्पक्ष निर्वाचन के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करायी जा रही हैं। निर्वाचन व्यय, लेखा निगरानी दलों के सदस्यों की जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है इसलिए उन्हें अत्यधिक सजग होकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करना आवश्यक है।

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व्यय प्रेक्षक ने कहा कि निर्वाचन व्यय की निगरानी के लिए गठित दलों को आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए समय सीमा में प्रतिवेदन भेजना जरूरी है इस लिए सभी को अपना कार्य मुस्तैदी से करते हुए प्रतिदिन की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि जनसभा, पोस्टर, बैनर, विज्ञापन सहित अन्य खर्चों पर निगरानी रखने के साथ ही मतदाताओं को प्रलोभन एवं उपहार आदि के वितरण पर भी कार्यवाही करें। स्थैतिक दल निर्धारित नाकों में लगातार जांच की कार्यवाही करें। समस्त कार्यवाही की वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से करायी जाय। वीडियो सर्विलेंस दल के सदस्य पूरी सावधानी से वीडियो बनाते समय वीडियो के प्रारंभ में विवरण का प्रस्तुतिकरण करें तथा वीडियो समाप्त होने के बाद उसमें किये गये रिकार्डिंग का उल्लेख करें। सभा, जुलूस, रैली आदि के वीडियो बनाते समय उसमें शामिल वाहनों की संख्या, नंबर, प्रचार सामग्री, तम्बू, कुर्सियों, लाउडस्पीकर से लेकर चुनाव प्रचार के लिए उपयोग की गयी प्रत्येक सामग्री का स्पष्ट वीडियो तैयार करें तथा उसे स्वयं देखने के बाद ही भेजना सुनिश्चित करें। व्यय प्रेक्षक ने कहा कि उम्मीदवार के विज्ञापन, पेडन्यूज तथा इलेक्ट्रानिक चैनल व सोशल मीडिया में भी विज्ञापन का खर्च जोड़ा जायेगा। उन्होंने बताया कि कोई भी प्रत्याशी चुनाव में 95 लाख रूपये तक की राशि खर्च कर सकता है। उम्मीदवार द्वारा किये गये खर्च का निर्वाचन अवधि के दौरान तीन बार परीक्षण व्यय दल द्वारा किया जायेगा।

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बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल ने बताया कि आदर्श आचरण संहिता के लागू होते ही सभी निर्वाचन व्यय टीमों का कार्य प्रारंभ हो गया है। आयोग द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार दलों द्वारा चुनाव खर्च की निगरानी की जा रही है। चुनाव प्रचार में आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन, संपत्ति विरूपण तथा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के उल्लंघन पर वैधानिक कार्यवाही होने के साथ ही चुनाव खर्च में इसकी राशि शामिल की जायेगी। सी-विजिल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समय सीमा में निराकरण किया जा रहा है। इस दौरान व्यय प्रेक्षक ने निर्वाचन व्यय मानीटरिंग दल के सदस्यों से किये जा रहे कार्यो के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक मार्गदर्शन दिये। इससे पूर्व उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रेयस गोखले ने जिले में निर्वाचन व्यवस्थाओं के संबंध में की गयी तैयारियों की जानकारी दी। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी सहित निर्वाचन व्यय मानीटरिंग के विभिन्न दलों के सदस्य उपस्थित रहे।

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