जम्मू-कश्मीर के पुंछ में माइनफील्ड में फंसे आतंकी, चारों PoK के मांडला-मदारपुर के रहने वाले, सत्वाल-नाकी बना घुसपैठ का फेवरेट रूट!
नई दिल्ली/पुंछ। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम हो गई है। LoC पार से भारत में घुसने की कोशिश कर रहे 4 आतंकी एक जोरदार बारूदी विस्फोट में मारे गए हैं। मरने वालों में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का टॉप कमांडर भी शामिल है।
कैसे हुआ धमाका?
अधिकारियों के मुताबिक, ये घटना सोमवार दोपहर कृष्णा घाटी (KG) सेक्टर के नंगी टकरी / सत्वाल-नाकी इलाके में हुई। आतंकियों का एक दल PoK से भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहा था, तभी वह भारतीय सेना द्वारा घुसपैठ रोकने के लिए बिछाए गए एंटी-इन्फिल्ट्रेशन माइनफील्ड में फंस गया और जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि चारों की मौके पर ही मौत हो गई। मारे गये आतंकी PoK के जिला पुंछ, तहसील हजीरा के मांडला, मदारपुर गांव के निवासी हैं।
मारे गए 4 आतंकियों की पहचान (AS PER NEWS)
सभी चारों आतंकी PoK के रहने वाले बताए गए हैं।
इनके नाम हैं –
मुहम्मद फैजान – टॉप लश्कर-ए-तैयबा
कमांडर मुहम्मद इश्तियाक
मुहम्मद वकास
मुहम्मद आसिम
सत्वाल-नाकी क्यों है खतरनाक रूट?
अधिकारियों ने बताया कि सत्वाल-नाकी इलाका घुसपैठ का पारंपरिक रूट माना जाता है। पिछले कुछ सालों में कई बार इसी रास्ते से आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर चुके हैं। अतीत में भी इसी इलाके में पाकिस्तान की BAT टीम के 6 से 7 जवान इसी तरह माइन ब्लास्ट में मारे गए थे।
सेना ने बढ़ाई चौकसी
धमाके के बाद पूरे कृष्णा घाटी सेक्टर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और LoC पर निगरानी बढ़ा दी गई है। इसी दिन मेंढर सेक्टर के बासोनी इलाके में सेना को 2 जंग लगी पुरानी लैंडमाइन भी मिलीं, जिन्हें बाद में नियंत्रित विस्फोट से नष्ट कर दिया गया। फिलहाल सेना हालात पर नजर बनाए हुए है और विस्फोट के सही कारणों की जांच जारी है।






