मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में पेयजल समस्या के संबंध में समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि प्रशासनिक समन्वय बनाकर समस्याग्रस्त क्षेत्रों में इसका निराकरण करें। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम स्थापित करते हुए कम्यूनिकेशन बनाकर कार्य करें। उन्होंने जिलों के कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि वह प्रत्येक दिन पेयजल से संबंधित समस्या का रिव्यू करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस वर्ष गर्मी ज्यादा पड़ रही है और आने वाले एक माह तक ऐसी गर्मी की संभावना है। अत: पेयजल से संबंधित समस्या का निराकरण करने के लिए तत्परता बरतना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन व अन्य माध्यमों से पेयजल से संबंधित प्राप्त शिकायतों को समय सीमा में निराकरण करायें तथा पेयजल से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों के अवकाश प्रतिबंधित करें। मुख्य सचिव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में जहां टैंकर के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है उसके संबंध में जनप्रतिनिधियों को सूचना दें तथा इसका दुरूपयोग कदापि न हो। उन्होंने कहा कि जहां पानी की कमी हो वहां निजी जल स्त्रोत से पानी का उपयोग करें। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत व पीएचई विभाग की संयुक्त जिम्मेदारी है कि वह पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करायें। बसाहटवार मैपिंग करते हुए बिगड़े हैण्डपंपों के सुधार तथा राइजर पाइप बढ़ाने के कार्य को तत्परता से करने के निर्देश वीडियो कान्फ्रेंसिंग में दिये गये। पंचायतों के पास उपलब्ध धन राशि का उपयोग पेयजल कार्य में किये जाने की बात इस दौरान कही गई। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि नल जल योजनाओं के बिजली के कनेक्शन न कटे और सिंगल फेज ट¬ूबबेल की व्यवस्था सुचारू रूप से रहे। उन्होंने पेयजल के संबंध में संभागीय कमिश्नर को भी नियमित तौर पर रिव्यू करने के निर्देश दिये। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में कलेक्ट्रेट कार्यालय में कलेक्टर संजय कुमार जैन, अपर कलेक्टर पीके पाण्डेय सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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