मामला रीवा जिले के सोहागी थाना क्षेत्र का है। जहाँ ग्राम कोनियाकला में अपने घर पर सो रहे बुजुर्ग दंपत्ति पर चोरों ने देखे जाने के शक में हमला कर दिया और बुरी तरह से लाठी डंडे से पीट कर फरार हो गए जिसकी सूचना घटना की सुबह दिनांक 15 जनवरी 2026 को थाने में दी गई।
ये है मामला
दिनांक 15/01/2026 को सुबह सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम कोनियाकला में अपने घर के बाहर ओसारी में सो रहे पियारे कोल पिता स्व. गोकुल कोल उम्र 80 वर्ष एंव सुगनी कोल पति पियारे कोल उम्र 76 वर्ष दोनों निवासी कोनिया कला थाना सोहागी जिला रीवा (म.प्र.) को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या करने की नियत से मारपीट की गई है जिससे दोनों के सिर व चेहरे में काफी गंभीर चोटें थी। प्राथमिक उपचार सिविल अस्पताल त्योंथर में कराया गया। चोटें गंभीर होने के चलते परिजनों द्वारा दोनों बुजुर्ग को स्वरूपरानी अस्पताल, प्रयागराज उत्तर प्रदेश उपचार हेतु ले जाया गया। जहाँ उपचार के दौरान दिनांक 16/01/2026 को पियारे कोल की स्वरूपरानी अस्पताल, प्रयागराज उत्तर प्रदेश में मृत्यु हो गई।
हमलावरों की तलाश में दल गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए सोहागी पुलिस द्वारा अज्ञात आरोपियों की तलाश हेतु टीम गठित कर मुखबिरों को सक्रिय किया गया एंव कई संदेहियों से पूछताछ की गई। मुखबिरों से मिली सूचना व पूछताछ से आये तथ्यों के आधार पर अजीत आदिवासी उर्फ जीतू पिता अमरनाथ आदिवासी, उम्र 20 वर्ष, निवासी कोनिया कला एंव करन चौधरी पिता अशोक कुमार चौधरी, उम्र 19 वर्ष, निवासी कोनिया कला द्वारा घटना को अंजाम देने की बात सामने आई। जिनसे पुलिस द्वारा पूछताछ की गई, शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया लेकिन फिर बाद में दोनों लोगों द्वारा बताया गया कि चोरी करने की नियत से घर में घुसते वक्त बुजुर्ग दंपत्तियों के जग जाने की आशंका के कारण अपनी पहचान बचाने के लिए बुजुर्ग दंपत्तियों पर बाँस के डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त सामग्री व अन्य वस्तुए जप्त की गई है। आरोपी करन चौधरी एंव अजीत आदिवासी उर्फ जीतू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
मामले में त्वरित कार्यवाही के लिए सोहागी थाना प्रभारी पवन शुक्ला, उप निरी. संजीव शर्मा, स. उ. नि अनंतमणि त्रिपाठी, स. उ. नि रंजीत सिंह, प्र.आर. सतेन्द्र सिंह, प्र.आर. केशरी नंदन दुबे, आरक्षक देवेन्द्र शुक्ला, आरक्षक विशाल सिंह, आरक्षक हरिशचन्द्र पाण्डेय, आरक्षक धनंजय पाण्डेय, आरक्षक अमित सिंह, आरक्षक दीपक कुमार, आरक्षक सौरभ मिश्रा, आरक्षक सत्यम ओझा, आरक्षक सुशील शुक्ला व आरक्षक दीपा भिलाला की मुख्य भूमिका रही।




