रीवा जिले के जवा जनपद शिक्षा केंद्र में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत कर्मचारी द्वारा दस हजार रुपए घूस लेने का मामला प्रकाश में आया है, जहां पर अनीता कोल ने बताया कि दो माह पूर्व मुझे शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौर में रसोईयां के पद पर नियुक्त किया गया था जिसके एवज में डाटा एंट्री ऑपरेटर राहुल शुक्ला द्वारा मुझसे दस हजार रुपए लिया गया था लेकिन एक माह ही मुझे रसोईयां पद पर रखा गया। इसके बाद अपात्र 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला बिटोल देवी वर्मा को रसोईयां पद पर नियुक कर दिया गया है, जब अनीता कोल द्वारा कहा गया कि मुझसे दस हजार रुपए घूस लिया गया था। फिर भी रसोईयां पद से निकाल दिया गया। तब सीएसी चौर रमेश पांडेय द्वारा मोबाईल पर उक्त आपरेटर राहुल शुक्ला से दस हजार रुपए लेने की बात पूंछी गई तो राहुल शुक्ला ने कहा कि लिया गया है और पूरा पैसा जहां जाना था चला भी गया है। जिसका बात करते समय का वीडियो भी उपलब्ध है। जिसमे स्पष्ट रूप से राहुल शुक्ला ने रूपए लेने को स्वीकार किया है, यह पूरा आरोप अनीता कोल ने लगाया है, इतना ही नहीं बल्कि लगभग 80 से 90 रसोईयां बदली गई है। अगर इसकी जांच सही तरीके से की जाय तो और घूसखोरी का मामला उजागर हो सकता है। ज्यादातर समूह भी बदले गए हैं जो शासन के नियमावली के विरुद्ध है, इसमें राहुल शुक्ला ही नहीं बल्कि बीआरसी कार्यालय में पदस्थ कई कर्मचारी भी सम्मिलित हो सकते हैं। सवाल यह भी है कि जब रसोईयां और समूहों की नियुक्ति होती है या हटाए जाते है तो बीआरसी की अनुमति और हस्ताक्षर होते हैं तो क्या बीआरसी जवा को यह सब नही पता है? इसी तरह बी आर सी कार्यालय के और कई घोटाले के भी मामले सूत्रों द्वारा प्रकाश में आए हैं, जो जांच के विषय है। हालाँकि उक्त घटना की पुष्टि हमारा चैनल नहीं करता है कौन सही है कौन गलत है जाँच के बाद ही पता चलेगा।




