जिला प्रशासन व किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के मध्य जिले में खाद विक्रय के संबंध में हुई रूबरू चर्चा

में खाद विक्रय व्यवस्था के संबंध में किसान संघों के प्रतिनिधियों एवं प्रशासन के मध्य रूबरू चर्चा हुई। अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी ने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रशासन संवेदशीलता के साथ सुचारू ढंग से व्यवस्थित खाद विक्रय के लिये कटिबद्ध है। खाद की उपलब्धता के अनुसार अधिक से अधिक किसानों को सुगमता से खाद मिल सके तथा किसानों को परेशानी न हो इसके लिये प्रशासन स्तर से अधिकारियों की उपस्थिति में विक्रय व्यवस्था बनाई गई है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण व्यवस्था में किसान भाई भी सहयोग करें ताकि कहीं भी अप्रिय घटना न घटे।

कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में किसानों ने एक मत से सुझाव दिया कि खाद विक्रय की विकेन्द्रीकृत व्यवस्था कराते हुए सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से खाद का विक्रय किया जाय। किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि किसानों को रकबे के हिसाब से खाद उपलब्ध कराते हुए प्रदाय किये गये खाद की मात्रा ऋण पुस्तिका में इंट्री की जाय। उन्होंने कहा कि जिले में किसानों की संख्या व वोये गये रकबे के अनुसार जिले के लिये खाद की मांग की जाय और टोल फ्री नं. जारी किया जाय जिससे किसानों को जिले में खाद की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त हो सके। किसानों ने सुझाव दिये कि जो कृषक सेवा सहकारी समिति का सदस्य नहीं है उसे सदस्य बनाया जाय ताकि उसे भी खाद मिल सके।

बैठक में उप संचालक कृषि यूपी बागरी ने बताया कि गत वर्ष अभी तक 22 हजार मैट्रिक टन खाद का विक्रय किया गया था जबकि इस वर्ष अभी तक 17239 में टन खाद का विक्रय हुआ है। शासन स्तर से गत वर्ष की तुलना में अभी तक 5 हजार मैट्रिक टन कम खाद प्राप्त हुई है जिसके कारण जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है। बैठक में बताया गया कि शीघ्र ही 1800 मैट्रिक टन खाद की रैक जिले को प्राप्त होगी जिसे किसानों के सहयोग से सुचारू ढंग से विक्रय की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर राजेश कुमार सिन्हा, उप संचालक कृषि यूपी बागरी, महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय एवं विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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