मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को खाद वितरण के संबंध में निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद की रैक लगातार प्राप्त हो रही हैं। केवल दो-तीन जिलों में खाद के वितरण में कठिनाई आई है। कलेक्टर खाद वितरण के लिए समुचित प्रबंध करें। जिले में खाद की उपलब्ध मात्रा, वितरण के लिए जारी मात्रा तथा आगामी सात दिनों में प्राप्त होने वाली मात्रा की जानकारी संचार माध्यमों से किसानों को प्रतिदिन दें। प्रत्येक वितरण केन्द्र में टोकन तथा खाद वितरण के लिए ऐसी व्यवस्था बनाएं कि किसान परेशान न हो। जनप्रतिनिधियों, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को भी खाद की उपलब्धता और वितरण के संबंध में नियमित रूप से जानकारी दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भारी वर्षा और बाढ़ से जहाँ फसलों को हानि हुई है वहाँ समय पर सर्वे करा लें। किसानों को यथाशीघ्र राहत राशि का वितरण करें। आगामी चार दिनों में भी प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए राहत और बचाव के उचित प्रबंध करें। नरवाई प्रबंधन के लिए किसानों को अभी से जागरूक करें। हार्वेस्टर के साथ स्ट्रारीपर का उपयोग अनिवार्य करें। सुपर सीडर और अन्य कृषि यंत्रों के माध्यम से नरवाई को मिट्टी में मिलाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें। नरवाई जलाने वालों पर कड़ी कार्यवाही करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन संभाग के 11 जिलों में समर्थन मूल्य पर कोदो और कुटकी का उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए किसानों का पंजीयन 22 सितम्बर से 10 अक्टूबर तक किया जाएगा। कोदो-कुटकी की फसल लेने वाले किसानों को प्रोत्साहित करके उपार्जन के लिए पंजीयन कराएं। कलेक्ट्रेट के एनआईसी केन्द्र से वीडियो कान्फ्रेंसिंग में शामिल प्रभारी कलेक्टर डॉ सौरभ सोनवड़े ने बताया कि एक सप्ताह से खाद की कम आपूर्ति के कारण वितरण में कठिनाई हो रही है। रीवा में करहिया कृषि उपज मण्डी में प्रतिदिन खाद के लिए तीन से चार हजार किसान पहुंच रहे हैं। जिसके कारण खाद के वितरण में कठिनाई हुई है। किसानों को कतारबद्ध करके टोकन और खाद का वितरण किया जा रहा है। कतार में लगे किसानों को राजस्व और पुलिस अधिकारियों द्वारा नाश्ता और पानी का वितरण किया जा रहा है। इस कार्य में सामाजिक संगठन भी सहयोग कर रहे हैं। पूरे जिले में राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों की निगरानी में खाद का वितरण कराया जा रहा है। कमिश्नर कार्यालय के एनआईसी केन्द्र से कमिश्नर बीएस जामोद, संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, सहायक संचालक कृषि प्रीति द्विवेदी तथा अन्य अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।




