उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक आयोजन आवश्यक है। इन आयोजनों से हमें अपनी लोकभाषा से परिचित होने का सौभाग्य मिलता है। हमारी बघेली भाषा में जो ममत्व है वह अन्य भाषा में नही। जो व्यक्ति जमीन से जुड़ा होगा उसे अपनी भाषा से ममत्व होगा ही।
विन्ध्य बघेली ममत्व महोत्सव आयोजन अवसर पर कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बघेली को बचाकर रखना होगा और आने वाली पीढ़ी में इसे फैलाना भी होगा। इस प्रकार के आयोजन लोक कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं। हमारे यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत है कि कलाकारों को नृत्य, संगीत व नाटक आदि प्रस्तुत करने के लिए मंच प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि सभी कार्य प्रभु की इच्छा से ही होते हैं। इस लिए आवश्यक है कि सभी धार्मिक आयोजन पूरे मनोयोग से किये जांय व भगवान की शरण में जाकर जीवन को कृतार्थ बनाया जाय ताकि आने वाली पीढ़ी सुसंस्कृत हो और विकास वरदान बन सके। उप मुख्यमंत्री ने विन्ध्य बघेली महोत्सव के आयोजन की प्रशंसा की तथा आयोजकों को बधाई दी। इस अवसर पर इंजी. विधायक मनगवां नरेन्द्र प्रजापति, श्रीमती विभा पटेल, नारायण डिगवानी, अविनाश तिवारी, परमजीत सिंह डंग सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जन व कलाकार उपस्थित रहे।




