मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के सैलाना स्थित एकलव्य मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी समस्याओं को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। स्कूल और हॉस्टल की बदहाली से परेशान करीब दर्जनों छात्र पैदल ही कलेक्टर से मिलने निकल पड़े।
20 किलोमीटर का पैदल सफर
बच्चों ने सैलाना से रतलाम कलेक्ट्रेट तक करीब 20 किलोमीटर का सफर पैदल तय किया। इस दौरान सैलाना SDM, तहसीलदार और स्कूल स्टाफ रास्ते भर बच्चों को मनाते रहे, रोकने की कोशिश करते रहे, लेकिन बच्चे नहीं रुके। बच्चों ने मीडिया से भी बात करने से इनकार कर दिया। उनका साफ कहना था – “हम अपनी बात सिर्फ कलेक्टर को ही बताएंगे।”
क्या हैं बच्चों की शिकायतें?
कलेक्ट्रेट पहुंचने पर बच्चों ने कलेक्टर के सामने अपनी समस्याएं रखीं –
- शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आते
- हॉस्टल में साफ-सफाई नहीं होती
- गेस्ट फैकल्टी के टीचर समय पर पढ़ाने नहीं आते
- स्कूल-हॉस्टल की मूलभूत सुविधाएं बदहाल
एकलव्य मॉडल स्कूल आदिवासी बच्चों के लिए चलाया जाता है, जहां सुविधाओं की कमी लंबे समय से शिकायत का विषय बनी हुई है।
प्रशासन में हड़कंप
बच्चों के इस पैदल मार्च से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अधिकारियों को बच्चों की समस्याएं सुननी पड़ी। कलेक्टर ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।आदिवासी बच्चों के इस हौसले की हर तरफ चर्चा हो रही है। (ब्यूरो रिपोर्ट, विंध्या अलर्ट, रतलाम)





