रीवा। दिवाली त्योहार को लेकर रीवा पुलिस अलर्ट मोड में आ गई है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से सख्त हिदायत जारी की गई है कि इस बार दिवाली पर कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप का इस्तेमाल बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।दरअसल, यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश के बाद की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बुधवार 21 अक्टूबर को सभी कलेक्टर और एसपी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में साफ कहा था कि – “अगर किसी भी जिले में कार्बाइड गन से कोई दुर्घटना हुई तो उस जिले के कलेक्टर और एसपी ही जिम्मेदार होंगे।”
रीवा में क्या होगी कार्रवाई?
कार्बाइड गन बनाने, बेचने और बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध। पकड़े जाने पर आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम के तहत हो सकती है FIR। नाबालिग द्वारा इस्तेमाल करने पर माता-पिता/दुकानदार पर हो सकती है कार्रवाई। पुलिस की विशेष टीमें बाजारों और मोहल्लों में कर सकती हैं निगरानी।
कार्बाइड गन इतनी खतरनाक क्यों है?
पुलिस के अनुसार, कार्बाइड गन में कैल्शियम कार्बाइड पर पानी डालने से एसीटिलीन गैस बनती है, जो बेहद ज्वलनशील होती है। थोड़ी सी चिंगारी से तेज धमाका होता है और उसमें से निकलने वाले प्लास्टिक और लोहे के कण आंख, चेहरा और त्वचा को गंभीर रूप से घायल कर देते हैं। पिछले साल कई बच्चों की आंखों की रोशनी तक चली गई थी।
एसपी की अपील
रीवा पुलिस ने आम जनता, खासकर माता-पिता से अपील की है कि बच्चों को कार्बाइड गन न दिलाएं। यह खिलौना नहीं, बल्कि खतरनाक हथियार है। सुरक्षित और लाइसेंस वाली आतिशबाजी ही करें।





