मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की विशाल रैली में आज पत्रकारों की आवाज सत्ता के गलियारों तक गूंजती नजर आई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने पत्रकारों के हितों को लेकर बड़ा आश्वासन दिया है। क्या हैं पत्रकारों की प्रमुख मांगें और सरकार का क्या है रुख !
राजधानी भोपाल में शुक्रवार को उस वक्त माहौल खास हो गया, जब मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के बैनर तले हजारों पत्रकार एक मंच पर जुटे। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और पत्रकारों के बीच पहुंचकर उनके मुद्दों को गंभीरता से सुना। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा— पत्रकार लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ हैं, जो सरकार और समाज के बीच सेतु का काम करते हैं।
इस दौरान पत्रकारों ने अपनी जमीनी समस्याओं को खुलकर रखा
जिसमें प्रमुख रूप से— पत्रकारों की सुरक्षा, मानदेय में वृद्धि, पेंशन योजना का सरलीकरण, कार्य परिस्थितियों में सुधार जैसी मांगें शामिल रहीं। इन मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार पत्रकारों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और जल्द ही सकारात्मक पहल की जाएगी। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए पत्रकारों का जनसैलाब देखने को मिला जो न सिर्फ एकजुटता का संदेश दे रहा था, बल्कि अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता भी दिखा रहा था। तो साफ है… पत्रकारों की आवाज अब और बुलंद हो रही है और सरकार भी इसे सुनने का भरोसा दे रही है। अब देखना होगा कि ये आश्वासन जमीन पर कब तक उतरते हैं।
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