एक तरफ़ लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर राजनीति आये दिन नये आयाम से हो कर गुजर रही तो दूसरी तरफ़ पुराने रीति नीति के साथ चुनाव निर्वाचन में प्रबल दावेदारी करती हुई कांग्रेस पुराने सिद्धांतों को आदर्श मानकर जनता के बीच उतरी हुई है।
लोकसभा चुनाव क्षेत्र रीवा की बात करें तो यहाँ कांग्रेस उम्मीदवार नीलम अभय मिश्रा बाक़ी के सभी उम्मीदवारों के मुक़ाबले जनता के बीच ज़्यादा घुल मिल रही हैं। एक और बात अगर नीलम अभय मिश्रा जीत गईं तो लोकसभा सीट रीवा की वो पहली महिला सांसद होंगी। नीलम अभय मिश्रा वर्तमान सेमारिया विधायक अभय मिश्रा की धर्म पत्नी हैं। यही नहीं विधानसभा सीट सेमारिया से 2008 में भाजपा से अभय मिश्रा विधायक भी रह चुकें हैं तो वहीं नीलम मिश्रा भाजपा से ही 2013 में इसी सीट से विधायक रह चुकी हैं और वापस विधानसभा चुनाव 2023 में अभय मिश्रा ने कांग्रेस पार्टी से मैदान में उतर अपना लोहा मनवाया और विधायक बन गये।
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पुराने दिनों को याद करते हुए पूर्व प्राचार्य पंडित अशोक मिश्र महाराज जी (गुरु आश्रम चन्दई) कहते हैं कि एक समय था जब लोकतंत्र की प्रहरी कांग्रेस जब सत्ता में थी तो युवाओं को रोज़गार की कमी नहीं होती थी बल्कि सेना से लेकर शिक्षा तक भारत के हर नागरिक को रोज़गार मुहैया कराने के लिए दिन रात प्रयत्नशील रही है लेकिन आज भाजपा ने सिर्फ़ जुमला सुना जनता को गुमराह कर ना तो शिक्षा दे पा रही है और ना ही रोज़गार ऐसे में एक बार फिर जनता को मौक़ा मिला है कि वो ऐसे लोगों को जो उनका हक़ मार कर बैठें है वोट की चोट कर करारा जबाब दे ताकि फिर कोई उनके भविष्य को सिर्फ़ जुमले तक सीमित ना रखे। साथ ही उन्होंने जनता से अपील की है कि सालों से लोकसभा सीट रीवा में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है इसीलिए भ्रष्टाचार के मामले तो बढ़े ही साथ ही जनता की उपेक्षा भी हुई है।
पंडित अशोक मिश्रा महाराज जी (पूर्व प्राचार्य) की विधानसभा त्योंथर 70 के साथ – साथ अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी अच्छी पकड़ मानी जाती है। लोकसभा निर्वाचन 2024 को लेकर उन्होंने जनता से अपील की है कि इस बार परिवर्तन कर तानासाही का अंत करें और कांग्रेस से मैदान में उतरीं नीलम अभय मिश्रा को संसद तक पहुँच रीवा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दें।






