त्यौंथर में भारतीय किसान यूनियन (प्रयाग) ने बाढ़ पीड़ितों के मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर किया धरना-प्रदर्शन। प्रदेश अध्यक्ष योगेश तिवारी के नेतृत्व में एसडीएम राकेश चौरसिया को सौंपा सात सूत्रीय ज्ञापन। क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे, बेघर परिवारों का पुनर्वास, भूमिहीनों को पट्टा, बर्बाद फसलों का मुआवजा और लंबित राहत प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की उठाई मांग। अंजोरा, मलपार और अमीलकोनी सहित प्रभावित गांवों के पीड़ितों को राहत का है इंतजार।
त्यौंथर तहसील क्षेत्र में अतिवृष्टि एवं लगातार बारिश के कारण हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। बाढ़ से कई परिवारों के आशियाने बह गए और जमीनें जलमग्न हो गईं। इस गंभीर समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन (प्रयाग) ने एसडीएम त्यौंथर को ज्ञापन सौंपकर बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और मुआवजे की मांग उठाई है।
त्योंथर तहसील इलाके में पूर्व में आई बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों एवं बेघर परिवारों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (प्रयाग), मध्य प्रदेश ने त्योंथर विश्राम गृह परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। अंजोरा, मलपार और अमीलकोनी सहित अन्य गांवों के प्रभावितों ने मुआवजे और पुनर्वास की मांग उठाई।प्रदेश अध्यक्ष योगेश तिवारी के नेतृत्व में शांति पूर्ण धरना देकर में त्योंथर एसडीएम राकेश चौरसिया को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराकर प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने, बेघर परिवारों के पुनर्वास तथा पात्र भूमिहीनों को आवासीय भूमि या पट्टा उपलब्ध कराने की मांग की गई।इसके अलावा बाढ़ में नष्ट हुई फसलों का सर्वे कराकर किसानों को राहत राशि देने, पात्र हितग्राहियों को आवास सहायता उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों के अतिशीघ्र सहायता राशि उपलब्ध सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया। यूनियन ने लंबित राहत प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर पीड़ितों को राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग करते हुए प्रशासन से प्रभावित परिवारों की समस्याओं पर गंभीरता से कार्रवाई करने की अपील की।
किसान यूनियन की 7 प्रमुख मांगें:
- त्यौंथर तहसील क्षेत्र में उचित एवं सुरक्षित शासकीय भूमि की समतल पहचान की जाए।
- चिन्हित भूमि के स्वामित्व एवं राजस्व अभिलेखों की जांच कर स्थल निरीक्षण एवं सीमांकन कराया जाए।
- अतिवृष्टि से बेघर हुए परिवारों का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए।
- पात्र परिवारों को नियमानुसार आवासीय भूमि/पट्टा आवंटित किया जाए।
- भूमि की पैमाइश, सर्वेक्षण, सीमांकन एवं आवंटन की पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए।
- स्थायी पुनर्वास होने तक प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आश्रय, भोजन, पेयजल एवं आवश्यक राहत सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- बाढ़ एवं बारिश से जो मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें जल्द से जल्द सहायता राशि प्रदान की जाए।






